
भारत ने श्रीलंका में चक्रवात दित्वाह की तबाही के बाद त्वरित मानवीय सहायता प्रदान करने के लिए ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ शुरू किया है। शनिवार (29 नवंबर 2025) को एक सी-130जे विमान से कोलंबो पहुंचे 12 टन सहायता सामग्री में टेंट, तिरपाल, कंबल, स्वच्छता किट और तैयार-खाने के भोजन शामिल हैं। यह 24 घंटों में दूसरी बड़ी खेप है।
इससे पहले आईएनएस विक्रांत और आईएनएस उदयगिरि ने 4.5 टन सूखा राशन, 2 टन ताजा राशन और अन्य आवश्यक वस्तुएं पहुंचाई थीं। इस त्वरित HADR (ह्यूमैनिटेरियन असिस्टेंस एंड डिजास्टर रिलीफ) समन्वय से भारत ने ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति को मजबूती से दोहराया है।
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने सहायता की लैंडिंग की घोषणा करते हुए कहा कि यह श्रीलंका के भाईचारे के प्रति भारत की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। भारतीय उच्चायोग ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, “ऑपरेशन सागर बंधु के तहत श्रीलंका को तत्काल HADR सहायता पहुंचाई जा रही है। आईएनएस विक्रांत और आईएनएस उदयगिरि से 4.5 टन सूखा राशन, 2 टन ताजा राशन और अन्य राहत सामग्री प्रदान की गई है। इस कठिन समय में भारत श्रीलंका के लोगों के साथ दृढ़ता से खड़ा है।”
चक्रवात दित्वाह: श्रीलंका में मौत का तांडव, 120 से अधिक की जान गई
चक्रवात दित्वाह ने 29 नवंबर को श्रीलंका के उत्तर-पश्चिमी हिस्से से बाहर निकलते हुए भयानक तबाही मचाई। कम से कम 56 लोगों की मौत, 14 घायल और 21 लापता होने की खबर है, जबकि 43,000 से अधिक लोग (12,313 परिवार) प्रभावित हुए। बडुल्ला और नुवारा एलिया जैसे चाय बेल्ट जिलों में भारी भूस्खलन और बाढ़ ने सैकड़ों घरों को तबाह कर दिया। 300 मिमी से अधिक बारिश ने सड़कें, जलाशय और घरों को पानी में डुबो दिया। 43,991 लोगों को आश्रयों में स्थानांतरित किया गया, जबकि सेना के नेतृत्व में बचाव कार्य अवरुद्ध रास्तों के बीच जारी है। इंफ्रास्ट्रक्चर बुरी तरह प्रभावित है, जिसमें स्कूल, अस्पताल और सड़कें शामिल हैं।
बहु-माध्यम सहायता वितरण तेज: भारत की त्वरित प्रतिक्रिया
भारत ने श्रीलंका की आपदा पर तुरंत कार्रवाई की। पहले दिन नौसेना के जहाजों से राहत पहुंचाई गई, जबकि शनिवार को वायुसेना का सी-130जे विमान कोलंबो एयरपोर्ट पर उतरा। सहायता में आपातकालीन चिकित्सा किट, जल शुद्धिकरण इकाइयां और जनरेटर भी शामिल हैं। भारतीय उच्चायोग ने कहा, “भारत श्रीलंका के लोगों के साथ खड़ा है, जो हमारी नेबरहुड फर्स्ट नीति का अभिन्न अंग है।”
NDRF की एलीट रेस्क्यू टीम तैनात: हिंदन एयरबेस से उड़ी IL-76
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) ने श्रीलंका के बडुल्ला और नुवारा एलिया जैसे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव के लिए दो टीमें (कुल 80 रेस्क्यूअर्स और चार कुत्ते) तैनात की हैं। 8वीं बटालियन के कमांडेंट पीके तिवारी के नेतृत्व में यह कंटिंजेंट शनिवार सुबह 4:06 बजे हिंदन एयरबेस से आईएल-76 विमान से रवाना हुआ। टीम के पास inflatable बोट, हाइड्रोलिक टूल्स, संचार उपकरण और मेडिकल किट हैं, जो बाढ़ और भूस्खलन क्षेत्रों में निकासी के लिए तैयार हैं।
खतरा भारत की ओर: तमिलनाडु-पुडुचेरी तट पर 30 नवंबर को दस्तक
चक्रवात दित्वाह अब चेन्नई के दक्षिण में 430 किमी दूर है और 30 नवंबर तक उत्तर तमिलनाडु-पुडुचेरी तट की ओर तेज हो रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने भारी बारिश, 60 किमी/घंटा की हवाओं के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। NDRF ने तमिलनाडु के जिलों – विल्लुपुरम, नागापट्टिनम, तंजावुर, तिरुवरुर, पुडुकोट्टई, मयिलादुथुरै, चेंगलपट्टू और तिरुवल्लुर – में 12 टीमें तैनात की हैं, जबकि चेन्नई के लिए अतिरिक्त बल रवाना हो चुके हैं। पुडुचेरी में दो टीमें पहले से स्टेशन की हैं।
यह सहायता न केवल श्रीलंका की तत्काल जरूरतों को पूरा करेगी, बल्कि भारत-श्रीलंका संबंधों को मजबूत भी करेगी। IMD और NDRF की निगरानी में तटीय क्षेत्रों में सतर्कता बरती जा रही है।




