उत्तर प्रदेश

प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या और उसे सांप के काटने का झूठा सबूत दिखाने के आरोप में मौत की सजा सुनाई गई

पति की हत्या करने और फिर उसके शव को सांप से कटवा देने वाली महिला को, अपने प्रेमी के साथ, शुक्रवार को मौत की सजा सुनाई गई। मेरठ में दो दिनों में यह दूसरी बड़ी सजा है। जयवीर नगर स्थित अतिरिक्त जिला न्यायाधीश 12 की अदालत ने रविता और अमरदीप को मौत की सजा सुनाई। रविता ने अपने प्रेमी अमरदीप के साथ मिलकर अपने पति अमित की हत्या की थी। अमित कश्यप हत्याकांड में सजा सुनाने की सुनवाई एडीजे-12 अदालत में संपन्न हुई। आरोपी रविता और अमरदीप जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए पेश हुए। रविता ने न्यायाधीश से कहा कि उन्हें जो भी सजा दी जाएगी, वह उसे स्वीकार करेंगी और कानून का सम्मान करेंगी।

अभियुक्त वीडियो कॉन्फ्रेंस (वीसी) के माध्यम से अदालत से जुड़ा और उससे सजा के बारे में पूछा गया, विशेष रूप से यह कि उसे मृत्युदंड दिया जाना चाहिए या आजीवन कारावास। उसने यह नहीं कहा, “नहीं महोदय, कृपया मुझे मृत्युदंड या यह सजा न दें।” इसके बजाय उसने कहा, “महोदय, आप मुझे जो भी सजा उचित समझें, वह दें। हम अदालत का सम्मान करते हैं और सहर्ष उसके फैसले को स्वीकार करेंगे। गौरतलब है कि अमित कश्यप 12 अप्रैल, 2025 को अकबरपुर सदात गांव स्थित अपने घर में मृत पाए गए थे और उनके परिवार को शुरू में सांप के काटने का संदेह था क्योंकि उनके शरीर के नीचे एक सांप फंसा हुआ मिला था।

इस संबंध में पुलिस ने 500 से अधिक पृष्ठों की आरोपपत्र दाखिल की और अभियोजन पक्ष ने एक दर्जन से अधिक गवाहों से पूछताछ की। इस मामले में अतिरिक्त जिला सरकारी वकील फरज़ाना ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मोबाइल फोन रिकॉर्ड महत्वपूर्ण सबूत हैं। उन्होंने बताया कि कश्यप की मृत्यु के बाद रविता और अमरदीप ने चार दिनों में 70 से अधिक बार बात की थी। इसके बाद अभियोजन पक्ष ने कहा कि जांचकर्ताओं ने अमरदीप द्वारा रविता से संपर्क करने के लिए इस्तेमाल किए गए नंबर के माध्यम से दोनों के बीच 500 से अधिक कॉल का पता लगाया। मामले की सुनवाई के दौरान, जिला सरकारी वकील के.के. चौबे ने सुनियोजित हत्या और सबूत नष्ट करने के प्रयास का हवाला देते हुए मृत्युदंड की मांग की।

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