
उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल मच गई है। बसपा के पूर्व दिग्गज नेता और कैबिनेट मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी रविवार को अपने समर्थकों के साथ समाजवादी पार्टी (सपा) में शामिल हो गए। उनके साथ पूर्व मंत्री अनीस अहमद खां उर्फ फूल बाबू भी सपा में आए। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई।
नसीमुद्दीन के आने से सपा को मुस्लिम वोट बैंक मजबूत होने की उम्मीद है। बसपा सरकार में कई विभाग संभाल चुके नसीमुद्दीन का बांदा और आसपास जबरदस्त प्रभाव है। उनके पुराने बसपाई साथी जैसे विशंभर प्रसाद निषाद (सपा महासचिव) और बाबू सिंह कुशवाहा (सपा सांसद) पहले से सपा में हैं, हालांकि कुछ से मतभेद भी रहे।
अखिलेश ने कहा, “नसीमुद्दीन ने सिर्फ मकान बदला है, मोहल्ला नहीं। वे इंडिया गठबंधन में ही हैं। फूल बाबू के आने से कईयों के फूल मुरझा गए।” नसीमुद्दीन बोले, “15,718 लोग विभिन्न दलों से सपा में आए। लक्ष्य 2027 में सपा सरकार बनाना है।”
इससे यूपी के जातीय समीकरण बदल सकते हैं। सपा को नई ऊर्जा मिलेगी, जबकि भाजपा-बसपा पर दबाव बढ़ेगा। शामिल होने वालों में देवरिया के पूर्व विधायक दीनानाथ कुशवाहा, प्रतापगढ़ के पूर्व विधायक राजकुमार पाल, कन्नौज से AIMIM उम्मीदवार डॉ. दानिश खान, पूर्व MLC हुस्ना सिद्दीकी, पूनम पाल और पहली ड्रोन पायलट रंजना पाल भी हैं।



