
ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की समयसीमा के करीब पहुंचते ही बड़ा धमकी भरा बयान दिया है। ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने सोमवार को कहा कि यदि उसके पावर इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला हुआ तो ईरान तित-फॉर-टैट कार्रवाई करेगा। इसमें अमेरिकी सैन्य बेसों को बिजली सप्लाई करने वाले मिडिल ईस्ट के पावर प्लांट्स, इजरायल के पावर प्लांट्स और उन क्षेत्रीय देशों के बिजली संयंत्रों को निशाना बनाया जाएगा, जहां अमेरिकी हिस्सेदारी है।
ईरानी स्टेट टीवी पर पढ़े गए बयान में कहा गया, “यदि हमारे पावर प्लांट्स पर हमला हुआ तो हम इजरायल (जिसे हम कब्जा करने वाली ताकत कहते हैं) के पावर प्लांट्स, अमेरिकी बेसों को बिजली देने वाले क्षेत्रीय देशों के पावर प्लांट्स और उन आर्थिक, औद्योगिक व ऊर्जा ढांचों को निशाना बनाएंगे जहां अमेरिकी हिस्सेदारी है। इसमें कोई संदेह नहीं कि हम ऐसा करेंगे।”
यह बयान खाड़ी देशों पर ईरान के हालिया हमलों को जायज ठहराने और अमेरिका-इजरायल गठबंधन को चेतावनी देने की कोशिश माना जा रहा है। ईरान का दावा है कि उसके हमले प्रतिकारात्मक हैं और आगे की कार्रवाई अमेरिकी कदमों पर निर्भर करेगी।
ट्रंप ने हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने की समयसीमा तय की थी, जिसके बाद तनाव और बढ़ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह धमकी क्षेत्र में ऊर्जा संकट और बड़े पैमाने पर युद्ध की आशंका को और गहरा कर रही है।



