
उत्तराखंड में विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम की यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। शनिवार की सुबह केदारनाथ पैदल मार्ग पर स्थित चीरबासा के पास अचानक पहाड़ी से भारी मलबा और बड़े पत्थर गिरने के कारण पूरा रास्ता अवरुद्ध हो गया। हालात की संवेदनशीलता और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए स्थानीय प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की और केदारनाथ धाम की ओर बढ़ रहे सभी यात्रियों को ऐहतियात के तौर पर फिलहाल गौरीकुंड में ही सुरक्षित रोक दिया है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने घटना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि शनिवार सुबह 7:22 बजे गौरीकुंड के सेक्टर अधिकारी द्वारा चीरबासा में मार्ग पूरी तरह से बंद होने की तत्काल सूचना दी गई थी। सूचना मिलते ही आपदा प्रबंधन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों को फौरन सक्रिय कर दिया गया। वर्तमान में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की टीम मजदूरों के साथ मिलकर मार्ग से मलबा और पत्थर हटाने के काम में युद्ध स्तर पर जुटी हुई है। इसके साथ ही, किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल और विशेषज्ञ रेस्क्यू टीमों को भी तैनात किया गया है।
प्रशासन द्वारा यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। पूरे यात्रा मार्ग और वहां की हर गतिविधि पर जिला मुख्यालय स्थित आपदा कंट्रोल रूम के माध्यम से पैनी नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने सभी श्रद्धालुओं से विशेष अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें और प्रशासन द्वारा जारी किए गए सुरक्षा निर्देशों का कड़ाई से पालन करें।
जब तक बचाव टीमों द्वारा रास्ता पूरी तरह से साफ करके सुचारू और सुरक्षित नहीं कर दिया जाता, तब तक किसी भी यात्री को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।




