
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के साथ व्हाइट हाउस में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान हल्के-फुल्के अंदाज से शुरूआत की, लेकिन पर्ल हार्बर का जिक्र कर माहौल असहज कर दिया। दोनों नेताओं के बीच हुई बैठक के बाद प्रेस ब्रीफिंग में ऊर्जा परियोजनाओं और क्रिटिकल मिनरल्स एक्शन प्लान की घोषणा हुई, लेकिन ईरान पर हमलों के संदर्भ में ट्रंप का मजाक विवादास्पद हो गया।
ब्रीफिंग की शुरुआत हल्के अंदाज में हुई। ट्रंप ने ताकाइची की अंग्रेजी की तारीफ करते हुए कहा, “बहुत अच्छा, अनुवाद की जरूरत नहीं पड़ेगी। अगली बार मैं तुम्हारी भाषा सीख लूंगा।” ताकाइची मुस्कुराईं, लेकिन ज्यादातर सवाल ट्रंप पर ही आए और पीएम चुप रहीं।
माहौल तब बदल गया जब एक सवाल पर ट्रंप ने ईरान पर अमेरिका-इजरायल हमलों के बारे में सहयोगियों को पहले न बताने का बचाव करते हुए कहा, “हमने सरप्राइज चाहा था। सरप्राइज के बारे में जापान से बेहतर कौन जानता है?” फिर उन्होंने ताकाइची की ओर मुड़कर कहा, “तुमने मुझे पर्ल हार्बर के बारे में क्यों नहीं बताया?”
यह टिप्पणी 1941 के पर्ल हार्बर हमले का संदर्भ थी, जिसमें जापान ने अमेरिकी नौसेना पर आश्चर्यजनक हमला किया था, जिसमें 2,400 से ज्यादा अमेरिकी मारे गए थे। ताकाइची, जो इंटरप्रेटर पर निर्भर थीं, चुप रहीं और असहज दिखीं—सीट पर हिलती रहीं जबकि पत्रकारों में हलचल मच गई।
यह ऐतिहासिक संदर्भ बेहद संवेदनशील है। पर्ल हार्बर हमले के बाद अमेरिका द्वितीय विश्व युद्ध में शामिल हुआ और अंत में हिरोशिमा-नागासाकी पर परमाणु बम गिराए गए, जिससे जापान ने आत्मसमर्पण किया।
ताकाइची की यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब वे ईरान पर 28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका-इजरायल हमलों के बाद ट्रंप से मिलने वाली पहली सहयोगी नेता हैं। ट्रंप के हास्य और ऐतिहासिक चुटकी ने कूटनीति में हल्के-फुल्के पल और गंभीर तनाव का मिश्रण दिखाया।



