
उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले स्थित जरीफनगर थाना क्षेत्र में मंगलवार की रात एक बेहद खौफनाक और निंदनीय वारदात सामने आई है। यहां एक 50 वर्षीय किसान की उनके ही घर में घुसकर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।
इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम देने वाला कोई और नहीं, बल्कि उसी गांव का रहने वाला अजीत नाम का युवक है, जो महज दस दिन पहले ही एक अन्य मामले में जमानत पर जेल से रिहा होकर आया था। बताया जा रहा है कि आरोपी ने किसान की पुत्रवधू के साथ छेड़खानी और अभद्रता की, और जब बुजुर्ग किसान ने अपनी बहू की अस्मिता बचाने के लिए इसका कड़ा विरोध किया, तो आरोपी ने उनकी जान ले ली।
घटनाक्रम के अनुसार, मंगलवार रात करीब 10 बजे अजीत शराब के नशे में धुत होकर किसान के घर में जबरन घुस गया। वहां पहुंचते ही उसने गाली-गलौज शुरू कर दी और किसान की पुत्रवधू के साथ छेड़छाड़ करने लगा। अपने परिवार की इज्जत को खतरे में देख किसान ने जब उसे रोकने की कोशिश की, तो आरोपी उनसे भी उलझ गया। इसी बीच मौका पाकर पुत्रवधू अपने बच्चे को गोद में लेकर किसी तरह घर से बाहर भागने में सफल रही और अपनी जान बचाई।
बहू के वहां से निकल जाने के बाद आरोपी अजीत का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उसने पास ही रखी चारपाई की भारी पाटी (लकड़ी का हिस्सा) उठाकर किसान के सिर पर ताबड़तोड़ कई प्रहार कर दिए। सिर में गंभीर और जानलेवा चोटें आने के कारण किसान ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। किसान की पत्नी का 12 साल पहले ही देहांत हो चुका है और उनके दोनों बेटे रोजी-रोटी के सिलसिले में शहर से बाहर रहते हैं।
इस घटना के पीछे पुरानी रंजिश और अन्य विवाद भी उभर कर सामने आए हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, मृतक के छोटे बेटे और आरोपी अजीत के बीच करीब चार महीने पहले भी किसी बात को लेकर तीखी नोकझोंक और विवाद हुआ था। इसके अलावा, एसपी ग्रामीण डॉ. हृदेश कठेरिया ने जानकारी दी है कि प्रारंभिक छानबीन में छेड़खानी के साथ-साथ एक मोबाइल फोन की किस्त जमा करने को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच विवाद की बात सामने आई है। आरोपी अजीत का आपराधिक और विवादित रिकॉर्ड रहा है; वह अपने ही परिवार के किसी विवाद के चलते पहले से जेल में बंद था और कुछ दिन पूर्व ही बाहर आया था।
हत्या की सूचना मिलते ही गांव में दहशत फैल गई। सीओ सहसवान अशोक कुमार सिंह और जरीफनगर सहित दो थानों की भारी पुलिस फोर्स तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने जब शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बदायूं भेजने की तैयारी की, तो वहां मौजूद ग्रामीणों और मृतक के रिश्तेदारों ने हंगामा शुरू कर दिया। उनकी मांग थी कि जब तक किसान के दोनों बेटे वापस गांव नहीं आ जाते, तब तक शव को वहां से न उठाया जाए। पुलिस अधिकारियों ने काफी मशक्कत के बाद आक्रोशित परिजनों को समझाया कि कानूनी प्रक्रिया के तहत पंचायतनामा और पोस्टमार्टम जल्द होना बेहद जरूरी है। लंबी बहस और मान-मनौव्वल के बाद पुलिस शव को बदायूं मुख्यालय ले जाने में सफल रही।
फिलहाल, पुलिस की मुस्तैदी से मुख्य आरोपी अजीत को हिरासत में ले लिया गया है और उससे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मृतक के बेटों के घर पहुंचने पर उनकी लिखित तहरीर के आधार पर आगे की सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज की जाएगी। आरोपी के पुराने आपराधिक इतिहास का भी पूरा चिट्ठा खंगाला जा रहा है और एहतियात के तौर पर गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।




