
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार (25 जनवरी) को राष्ट्रीय राजधानी में गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान छत्रसाल स्टेडियम में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड का निरीक्षण किया। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने देश के लिए प्राणों की आहुति देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि संविधान ने पिछले 77 वर्षों से भारत को न्याय, समानता और गरिमा के मार्ग पर मार्गदर्शन दिया है।
उन्होंने कहा, “मैं उन शहीदों को नमन करती हूं जिन्होंने तिरंगे के सम्मान के लिए अपने प्राणों से भी ऊपर राष्ट्र को प्राथमिकता दी और हमें यह गणतंत्र, आत्मसम्मान और स्वतंत्रता प्रदान की। संविधान भारत की आत्मा है। पिछले 77 वर्षों से भारत का संविधान न्याय, समानता और गरिमा के प्रकाश स्तंभ के रूप में हमारा मार्गदर्शन करता रहा है। संविधान के निर्माण से लेकर राष्ट्र निर्माण तक, भारत सभी प्रयासों को याद रखता है।
पिछले 11 महीनों में अपनी सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा कि पदभार संभालने के बाद सबसे बड़ी चुनौती वर्षों से व्यवस्था में जमी हुई “धूल” को साफ करना था। उन्होंने कहा, “जब हमारी सरकार ने ग्यारह महीने पहले दिल्ली की बागडोर संभाली, तो हमें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन सबसे बड़ी चुनौती वर्षों से व्यवस्था में जमी हुई धूल और बाधाएं थीं। हमने इस स्थिति को बदलने और दिल्ली को एक नई दिशा देने के लिए कई सार्थक कदम उठाए हैं।



