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शीर्षक: आगरा में सिपाही का खौफनाक इंतकाम: शराब पार्टी में हुए विवाद और दो साल पुरानी रंजिश के चलते ढाबा संचालक के सीने में उतारी गोली

उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के सदर थाना क्षेत्र स्थित सेवला में हुई ढाबा संचालक बीटू लवानिया की सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी सिपाही जैकी चौधरी को प्रयागराज से गिरफ्तार कर लिया है। मंगलवार को आरोपी सिपाही को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। इस हत्याकांड के पीछे की जो वजह सामने आई है, उसने सबको हैरान कर दिया है।

पुलिस की जांच और पूछताछ में यह स्पष्ट हुआ है कि यह पूरी वारदात महज दो साल पुरानी एक मामूली कहासुनी और शराब के नशे में हुए विवाद का खौफनाक अंजाम थी। हालांकि, पुलिस अभी तक हत्या में इस्तेमाल की गई आरोपी सिपाही की सरकारी पिस्टल को बरामद नहीं कर सकी है, जिसकी तलाश जारी है।

घटनाक्रम के अनुसार, शुक्रवार की रात आरोपी सिपाही जैकी चौधरी अपने दोस्त देवा और रवि के साथ बैठकर शराब पी रहा था। इसी दौरान वहां ढाबा संचालक बीटू लवानिया भी पहुंच गया। पुलिस पूछताछ में जैकी ने खुलासा किया कि उसकी और बीटू की पहली मुलाकात करीब दो साल पहले हुई थी, तब भी दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था जो उस समय शांत हो गया था।

शराब पार्टी के दौरान अचानक वही पुरानी बात दोबारा उठ गई और दोनों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि बीटू ने सिपाही को गालियां दे दीं। इस अपमान से आगबबूला होकर जैकी अपने घर गया और वहां से अपनी सरकारी पिस्टल ले आया। शुरुआत में उसने बीटू को डराने के मकसद से फायर किया, लेकिन बीटू जरा भी खौफजदा नहीं हुआ और उसने सिपाही को फिर से गाली दे दी। इसके बाद गुस्से में अंधे हो चुके सिपाही ने सीधा निशाना साधते हुए बीटू के सीने में गोली मार दी, जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई।

आरोपी सिपाही जैकी चौधरी का विवादों और आपराधिक प्रवृत्तियों से पुराना नाता रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 2012 में सदर थाने में उसके खिलाफ एक युवती की आत्महत्या के मामले में भी मुकदमा दर्ज हुआ था। बताया जाता है कि सिपाही उस युवती से प्रेम करता था, लेकिन युवती की शादी किसी अन्य जगह हो गई और वह अपने पति के साथ गुजरात चली गई थी।

इसके बावजूद जैकी लगातार उससे बात करता रहा और एक बार तो अपनी ड्यूटी से गैरहाजिर होकर उससे मिलने गुजरात भी पहुंच गया था। बाद में उस युवती ने आत्महत्या कर ली थी। इस घटना के बाद युवती के परिजनों ने शव को आगरा लाकर जैकी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी, हालांकि कुछ समय बाद दोनों पक्षों के बीच आपसी राजीनामा हो जाने के कारण वह मामला रफा-दफा हो गया था। इस ताजा हत्याकांड ने एक बार फिर आरोपी के हिंसक स्वभाव को उजागर कर दिया है।

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