
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को लोगों से लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में भाग लेने का आग्रह करते हुए कहा कि मतदाता होना न केवल एक संवैधानिक विशेषाधिकार है, बल्कि एक महत्वपूर्ण कर्तव्य भी है जो प्रत्येक नागरिक को भारत के भविष्य को आकार देने में अपनी आवाज उठाने का अधिकार देता है। राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर माय-भारत के स्वयंसेवकों को लिखे पत्र में प्रधानमंत्री ने मतदाताओं को भारत के विकास पथ का भाग्य निर्धारित करने वाला (भाग्य विधा) बताया। उन्होंने कहा, “लोकतंत्र में मतदाता होना सबसे बड़ा विशेषाधिकार और उत्तरदायित्व है। मतदान एक पवित्र संवैधानिक अधिकार है और भारत के भविष्य में भागीदारी का प्रतीक है।
प[पीएम मोदी ने कहा मतदाता हमारे विकास के सफर का भाग्य विधा है, उंगली पर लगी वह अमिट स्याही एक सम्मान का प्रतीक है जो हमारे लोकतंत्र को जीवंत और सार्थक बनाए रखती है,” मोदी ने कहा। “आपके मित्रों या रिश्तेदारों में कई युवा पहली बार मतदाता बन सकते हैं। यह उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण क्षण है। हमारे पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं का लोकतंत्र में स्वागत किया जाना चाहिए, क्योंकि वे ऐसे व्यक्ति हैं जिनके पास हमारे देश के भविष्य को बदलने की शक्ति है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि एमवाई-भारत के स्वयंसेवक उस पीढ़ी से ताल्लुक रखते हैं जो चीजों के होने का इंतजार नहीं करती बल्कि ‘कर सकते हैं’ की भावना के साथ चीजों को साकार करने में सक्रिय रूप से भाग लेती है। उन्होंने कहा, “आप मतदाता बनने के महत्व के बारे में जागरूकता फैला सकते हैं।” उन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को मजबूत करने के प्रयासों के लिए भारत निर्वाचन आयोग से जुड़े सभी लोगों की सराहना की। मोदी ने कहा, “मतदाता होना केवल एक संवैधानिक विशेषाधिकार नहीं है, बल्कि एक महत्वपूर्ण कर्तव्य है जो प्रत्येक नागरिक को भारत के भविष्य को आकार देने में अपनी आवाज उठाने का अधिकार देता है।



