
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर मंडराते संकट के बावजूद भारत को ऊर्जा आपूर्ति में बड़ी राहत मिली है। UAE से दो भारतीय LPG कैरियर जहाज ‘पाइन गैस’ और ‘जग वसंत’ सोमवार सुबह रवाना हो चुके हैं। इनमें कुल 92,000 टन एलपीजी भरी हुई है।
ईरान ने इन जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की अनुमति दे दी है। ओमान की खाड़ी में भारतीय नौसेना के युद्धपोत इनकी सुरक्षा कर रहे हैं। ‘जग वसंत’ 26 मार्च को कांडला बंदरगाह और ‘पाइन गैस’ 28 मार्च को न्यू मैंगलोर पहुंचेगा।
इसके अलावा सऊदी अरब से ‘एमटी कैलिस्टा’ नाम का बड़ा तेल टैंकर भी भारत के लिए रवाना होने वाला है। यह यान्बू से तेल भरकर जेद्दा होते हुए पारादीप बंदरगाह पहुंचेगा। इसकी सुरक्षा भी भारतीय नौसेना सुनिश्चित करेगी।
भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड का दौरा रद्द कर दिया है, ताकि मौजूदा संकट पर पूरा ध्यान दिया जा सके।
ईरानी दूतावास ने स्पष्ट किया है कि भारतीय जहाजों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जा रहा है। हालांकि फारस की खाड़ी में अभी भी सैकड़ों टैंकर फंसे हुए हैं, जिससे स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है।



