
उत्तर प्रदेश की सियासत में हलचल तेज करते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव 22 अक्टूबर को रामपुर के दौरे पर रहेंगे। इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान वह रामपुर जिला जेल में बंद सपा के कद्दावर नेता मोहम्मद आजम खान से मुलाकात करेंगे।
जेल में आजम खान से बातचीत करने के बाद सपा प्रमुख सीधे उनके आवास पर भी जाएंगे, जहां वह उनकी पत्नी डॉ. तंजीन फातिमा और बेटे अदीब खान से व्यक्तिगत तौर पर भेंट कर परिवार का कुशलक्षेम जानेंगे। इस हाई-प्रोफाइल दौरे की खबर सामने आते ही उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में कयासों और चर्चाओं का दौर बेहद गर्म हो गया है।
तय किए गए आधिकारिक मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम के अनुसार, अखिलेश यादव का हेलीकॉप्टर 22 अक्टूबर को दोपहर ठीक 12:30 बजे रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के परिसर में बनाए गए हेलीपैड पर लैंड करेगा। इसके ठीक 15 मिनट बाद, यानी दोपहर 12:45 बजे उनका काफिला रामपुर जिला जेल पहुंचेगा, जहां वह आजम खान से मुलाकात करेंगे। जेल प्रशासन से नियमानुसार मुलाकात पूरी करने के उपरांत अखिलेश यादव सीधे आजम खान के निजी आवास का रुख करेंगे।
रामपुर में अपने इस व्यस्त प्रवास के दौरान अखिलेश यादव आजम खान के पूरे परिवार से संवाद स्थापित करेंगे। वह उनकी पूर्व सांसद पत्नी तंजीन फातिमा और पुत्र अदीब खान से मिलकर वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों तथा पारिवारिक मामलों पर विचार-विमर्श करेंगे।
लंबे समय से कानूनी और राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रहे आजम खान के परिवार के साथ पार्टी मुखिया की इस एकजुटता को समाजवादी पार्टी के भीतर वरिष्ठ नेताओं और शीर्ष नेतृत्व के आपसी संबंधों को प्रगाढ़ करने के लिहाज से काफी निर्णायक और अहम माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अखिलेश यादव के इस रामपुर दौरे के केंद्र में आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की जमीनी रणनीतियां भी हो सकती हैं। हालांकि, दोनों कद्दावर नेताओं के बीच होने वाली इस बातचीत में चुनावी रणनीति को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन राज्य में सपा के सियासी समीकरणों, मुस्लिम वोट बैंक की लामबंदी और पार्टी संगठन को मजबूत करने की दृष्टि से इस मुलाकात पर पूरे प्रदेश के राजनीतिक पंडितों और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं की पैनी निगाहें टिकी हुई हैं।



