
उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में बेखौफ चोरों ने पुलिस की गश्त पर सवालिया निशान लगाते हुए एक बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र के अंतर्गत कालिंदी विहार स्थित कृष्णा रेजीडेंसी में चोरों ने एक किसान नेता के बंद पड़े मकान को अपना निशाना बनाया।
शातिर चोरों ने मकान के मुख्य दरवाजे और अंदर रखी अलमारियों के ताले तोड़कर सोने-चांदी के कीमती आभूषण, करीब दो लाख रुपये की नकदी, लैपटॉप, एलईडी टीवी और अन्य कई जरूरी घरेलू सामानों पर हाथ साफ कर दिया। पीड़ित परिवार के अनुसार, चोरी किए गए इस पूरे माल की अनुमानित कीमत करीब सात से आठ लाख रुपये के बीच है। इस दुस्साहसिक घटना की जानकारी मिलने के बाद से ही स्थानीय पुलिस हरकत में आ गई है और मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी गई है।
चोरी की यह वारदात किसान नेता नागेंद्र उपाध्याय के पुराने मकान (बी-9) में हुई। पीड़ित नागेंद्र उपाध्याय ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि वह पहले अपने परिवार के साथ इसी मकान में निवास करते थे, लेकिन लगभग दो महीने पहले ही वे पास के दूसरे मकान (ए-6) में शिफ्ट हो गए थे। पुराने मकान में अभी भी उनका काफी सारा कीमती सामान रखा हुआ था, जिसकी देखभाल के लिए वे और उनके परिजन अक्सर वहां आते-जाते रहते थे।
नागेंद्र की पत्नी शिखा उपाध्याय 12 अक्तूबर को जब वहां गई थीं, तब सब कुछ पूरी तरह से सुरक्षित और सामान्य था। लेकिन 14 अक्तूबर की शाम को जब शिखा अपने बेटे कार्तिक के साथ दोबारा उस मकान पर पहुंचीं, तो अंदर का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। घर का सारा सामान इधर-उधर बिखरा पड़ा था और सभी अलमारियों के ताले टूटे हुए थे। जब उन्होंने बारीकी से जांच की, तो पता चला कि चोरों ने घर से सोने की चार अंगूठियां, एक मंगलसूत्र, सोने की चेन, चांदी की दो जोड़ी पायल, बिछुए, चांदी के पांच बर्तन, दो लाख नकद सहित लैपटॉप और एलईडी जैसे कीमती उपकरण पार कर दिए हैं।
पीड़ित परिवार की ओर से अज्ञात चोरों के खिलाफ थाने में लिखित तहरीर दे दी गई है। इस पूरे मामले पर संज्ञान लेते हुए एसीपी छत्ता श्वेता वर्मा ने बताया कि बंद मकान में हुई इस चोरी की घटना की हर एंगल से पड़ताल की जा रही है। चूंकि यह एक गेट बंद (गेटेड) कॉलोनी है, इसलिए पुलिस वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को बारीकी से खंगाल रही है ताकि चोरों का कोई सुराग मिल सके।
इसके साथ ही कॉलोनी की सुरक्षा में तैनात चौकीदारों से भी सघन पूछताछ की जा रही है। हालांकि, एसीपी ने यह भी स्पष्ट किया है कि पीड़ित द्वारा शिकायत में दर्ज कराए गए चोरी गए सामान की पूरी सूची को लेकर पुलिस को कुछ संदेह है, जिसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।



