
उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में भारत-नेपाल सीमा पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने तीन श्रीलंकाई नागरिकों और तमिलनाडु की एक महिला को हिरासत में लिया है। यह घटना मिहींपुरवा तहसील के जंगल से सटी सीमा पर बुधवार देर रात रज्जनवा चेकपोस्ट के पास की है।
ये चारों लोग एक ऑटो से नेपाल सीमा तक पहुंचे थे और स्थानीय लोगों से नेपाल में प्रवेश करने का रास्ता पूछ रहे थे। भाषा की भिन्नता के कारण जब स्थानीय लोग उनकी बात नहीं समझ पाए, तो उन्होंने एसएसबी को इस संदिग्ध गतिविधि की सूचना दे दी।
एसएसबी के जवानों द्वारा मौके पर पहुंचकर की गई जांच में पता चला कि पकड़े गए लोगों में श्रीलंका के जाफना निवासी 39 वर्षीय अजीत कुमार, 38 वर्षीय कौशल्या और 38 वर्षीय प्रभाप शामिल हैं, जबकि उनके साथ तमिलनाडु की रहने वाली 35 वर्षीय महिला धर्म सुधाकर भी मौजूद थी। जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि तीनों श्रीलंकाई नागरिकों के पास पासपोर्ट तो मौजूद थे, लेकिन उनका भारतीय वीजा करीब तीन माह पहले ही समाप्त हो चुका था।
अवैध रूप से सीमा पार करने के प्रयास और वीजा नियमों के उल्लंघन के चलते एसएसबी ने चारों को मुर्तिहा कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया है। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती भाषा (तमिल) की आ रही है, इसलिए दुभाषियों (ट्रांसलेटर) की मदद ली जा रही है।
पुलिस क्षेत्राधिकारी अमित कुमार और अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) दुर्गा प्रसाद तिवारी के अनुसार, दुभाषिए की मदद से यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि उनके नेपाल जाने का असली मकसद क्या था और वे किन परिस्थितियों में इस संवेदनशील सीमा क्षेत्र तक पहुंचे। विस्तृत पूछताछ के बाद ही मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।



