
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से एक बेहद हृदयविदारक और खौफनाक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। जिले के भटनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नोनापार गांव में देर रात एक कच्ची झोपड़ी में अचानक भीषण आग भड़क उठी।
इस जानलेवा अग्निकांड ने एक ही परिवार के तीन सदस्यों की दर्दनाक तरीके से जान ले ली, जबकि एक महिला बुरी तरह झुलस गई है। गंभीर रूप से घायल महिला को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराते हुए नजदीकी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका सघन इलाज चल रहा है।
इस खौफनाक हादसे में अपनी जान गंवाने वाले मृतकों की शिनाख्त लालचंद, बालकिशन और शनि के रूप में की गई है। स्थानीय लोगों और प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस वक्त हुआ जब पूरा परिवार दिन भर की कड़ी मेहनत और थकान के बाद अपनी झोपड़ी में गहरी नींद में सो रहा था।
आधी रात के समय झोपड़ी में अचानक आग लग गई और छप्पर तथा सूखी लकड़ियों के कारण लपटों ने इतनी तेजी से विकराल रूप धारण कर लिया कि अंदर सो रहे लोगों को संभलने, मदद के लिए चीखने या बाहर भागने का जरा भी मौका नहीं मिल सका। देखते ही देखते आग ने पूरी झोपड़ी और उसमें रखे गृहस्थी के सारे सामान को अपनी भयावह चपेट में ले लिया, जिससे तीनों लोग आग में घिर गए।
घटना की जानकारी जैसे ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन को मिली, पूरे महकमे में हड़कंप मच गया। जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) भारी पुलिस बल और फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियों के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत और घंटों के प्रयास के बाद आग पर पूरी तरह से काबू पाया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
इस दुखद घटना के बाद से पीड़ित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे नोनापार गांव में शोक और मातम का सन्नाटा पसरा हुआ है। फिलहाल, पुलिस और संबंधित विभाग इस बात की गहन जांच कर रहे हैं कि आखिर इस भीषण आग के लगने की असली वजह क्या थी, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।




