
गुरुवार को सर्वोच्च न्यायालय ने विपक्ष के नेता (एलओपी) राहुल गांधी और अन्य इंडिया ब्लॉक के नेताओं द्वारा दायर याचिका पर मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी को नोटिस जारी किया, जिसमें मतदाता सूचियों के राष्ट्रव्यापी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है।
भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमलाया बागची की दो-न्यायाधीशों की पीठ ने कांग्रेस सांसद गांधी द्वारा सर्वोच्च न्यायालय तक किए गए मार्च का जिक्र करते हुए उनके “आचरण” पर भी फटकार लगाई। अदालत ने कहा कि गांधी को स्पष्टीकरण देना होगा और साथ ही यह भी कहा कि कोई भी न्यायपालिका को डरा नहीं सकता।
इसके अलावा, शीर्ष अदालत ने दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर प्रतिष्ठित जंतर-मंतर को विरोध स्थल के रूप में निरस्त किए जाने के बाद उससे जवाब मांगा है। यह कदम कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और विपक्षी दलों द्वारा एसआईआर को लेकर किए जा रहे आंदोलन के बीच उठाया गया है, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई है।



