
बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न हुए नए चक्रवाती तंत्र और पश्चिमी विक्षोभ के आपस में टकराने के कारण उत्तर प्रदेश के मौसम में अचानक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। नेपाल सीमा से सटे तराई क्षेत्रों और पूर्वांचल के कई हिस्सों में पिछले चौबीस घंटों से लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
इस बेमौसम और लगातार हो रही बारिश ने तापमान में भारी गिरावट ला दी है, जिससे प्रदेशवासियों को समय से पहले ही ठंडक का अहसास होने लगा है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, यह मौसमी बदलाव सत्ताईस सितंबर तक अपना प्रभाव दिखाएगा।
मौसम विभाग ने हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के कई जिलों के लिए अलग-अलग स्तर की चेतावनियां जारी की हैं। श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर जैसे तराई के आठ जिलों में अति भारी बारिश की आशंका जताते हुए रेड अलर्ट घोषित किया गया है।
इसके साथ ही राजधानी लखनऊ, गोंडा, बस्ती, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, हरदोई, बाराबंकी, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल और बदायूं समेत बारह जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश के उनतालीस अन्य जिलों, जिनमें कानपुर नगर, कानपुर देहात, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर शामिल हैं, वहां येलो अलर्ट के तहत भारी बारिश और जलभराव की चेतावनी दी गई है।
इसके अतिरिक्त, प्रदेश के उनसठ जिलों में चालीस से साठ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की भी प्रबल आशंका है।
लगातार हो रही बारिश और जलभराव के खतरे को देखते हुए प्रदेश भर के जिलाधिकारियों ने छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के मद्देनजर छब्बीस सितंबर दिन शनिवार को कक्षा एक से बारहवीं तक के सभी सरकारी, गैर-सरकारी और मान्यता प्राप्त विद्यालयों में अवकाश घोषित कर दिया है।
राजधानी लखनऊ, कानपुर, गोंडा, बलरामपुर, सीतापुर, बाराबंकी, श्रावस्ती, अंबेडकर नगर, रायबरेली, इटावा, फतेहपुर, गोरखपुर, प्रयागराज समेत प्रदेश के अधिकांश जिलों में स्कूल पूरी तरह बंद रहेंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले विद्यालय संचालकों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। गोंडा जैसे कुछ जिलों में यह अवकाश अट्ठाईस सितंबर तक प्रभावी रहेगा।
आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों को लेकर राज्य सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आपात बैठक कर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। आजमगढ़, गोरखपुर, देवरिया, लखनऊ, कानपुर नगर और फतेहपुर जैसे जनपदों के जलग्रहण क्षेत्रों में अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) आने की चेतावनी दी गई है।
स्थानीय लेखपालों और ग्राम विकास अधिकारियों को कच्चे मकानों और जलभराव वाले क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने को कहा गया है। इसके अलावा फायर सर्विस, पीएसी, सिविल डिफेंस और आपदा मित्रों की टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में तैनात कर दिया गया है।
प्रशासन ने आम जनता के लिए भी सख्त परामर्श जारी किया है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे बहुत जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें। तेज आंधी और वज्रपात के खतरे को देखते हुए लोगों को खुले आसमान, पार्कों या पेड़ों के नीचे आश्रय लेने से मना किया गया है। किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति या आपदा के समय सहायता प्राप्त करने के लिए आमजन टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1070 पर तत्काल संपर्क कर सकते हैं।




