
वायनाड से कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुरुवार को कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर ‘अन्यायपूर्ण’ चुनाव कराने के लिए ‘देशद्रोह’ का आपराधिक मुकदमा चलाया जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि चुनाव की लोकतांत्रिक प्रक्रिया से छेड़छाड़ करने वाला कोई भी व्यक्ति इस राष्ट्र के विरुद्ध देशद्रोह कर रहा है और मतदाता सूची में हेरफेर करना तथा 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाना लोकतंत्र, संविधान और राष्ट्र के विरुद्ध एक आपराधिक कृत्य है।
प्रियंका ने कहा कि सीईसी पर आपराधिक मुकदमा चलाया जाना चाहिए
जो कोई भी हमारे चुनावों की लोकतांत्रिक प्रक्रिया से खिलवाड़ करता है, वह इस राष्ट्र के विरुद्ध राजद्रोह कर रहा है। यह एक स्पष्ट रुख है। मुझे नहीं लगता कि ऐसे पद पर बैठे किसी भी व्यक्ति को कानूनी संरक्षण मिलना चाहिए। मतदाता सूची में हेरफेर करना और 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाना लोकतंत्र, संविधान और राष्ट्र के विरुद्ध एक आपराधिक कृत्य है… मुझे समझ नहीं आता कि अगर चुनाव आयुक्त ने गैरकानूनी काम किया है तो उसे संरक्षण क्यों मिलना चाहिए। वह पूरी तरह से जानता था कि यह सब उसकी नाक के नीचे हो रहा है; उसके सहयोगियों ने इस ओर उसका ध्यान दिलाया, उसने इसे नजरअंदाज किया और जानबूझकर एक अनुचित चुनाव होने दिया।
प्रियंका ने मुख्य चुनाव आयुक्त को उपलब्ध कानूनी संरक्षण पर सवाल उठाए
उन्होंने अवैध कार्यों के सिद्ध होने की स्थिति में मुख्य चुनाव आयुक्त को मिलने वाले कानूनी संरक्षण पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि उस पद पर बैठे किसी भी व्यक्ति को, जैसा कि मुख्य चुनाव आयुक्त को मिला है, अवैध कृत्यों के मामले में कानूनी संरक्षण मिलना चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों में छेड़छाड़ और बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाना एक गंभीर अपराध होगा। उन्होंने कहा मतदाताओं की सूचियों में छेड़छाड़ करना, मेरे विचार से 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाना… लोकतंत्र, संविधान और राष्ट्र के खिलाफ एक आपराधिक कृत्य है।



