
पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने बीते दिन अपने ऊपर हुए हमले के बाद आज कहा कि वह डरते नहीं हैं और शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) राज्य में भाईचारा और शांति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। हमले के एक दिन बाद महाराष्ट्र के नांदेड़ में पत्रकारों से बात करते हुए अकाली दल के अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी राज्य के लिए कोई भी बलिदान देने को तैयार है, लेकिन उन्होंने दोहराया कि वे पंजाब में शांति भंग करने की किसी को भी अनुमति नहीं देंगे। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब की प्रगति और सांप्रदायिक एवं धार्मिक सद्भाव उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा, “उनका मकसद पंजाब में स्थिति पर नियंत्रण हासिल करना और शांति भंग करना है, जिसे अकाली दल के अध्यक्ष के रूप में मैं कभी बर्दाश्त नहीं करूंगा। उन्होंने कहा “दोनों बार उन्होंने मुझ पर सबसे पवित्र स्थानों पर हमला किया… मैं कभी डरा नहीं, न ही अब डरता हूँ। शिरोमणि अकाली दल पंजाब की भाईचारे और गौरव के लिए प्रतिबद्ध है। शिरोमणि अकाली दल कोई भी बलिदान दे सकता है, लेकिन पंजाब की प्रगति और सांप्रदायिक एवं धार्मिक सद्भाव हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है
सुखबीर सिंह बादल गुरुवार को महाराष्ट्र के नांदेड़ में थे, जब गुरुद्वारा माता साहिब देवन जी मुगत के अंदर उन पर हमला हुआ। हमले के बाद बादल को यशोसाई अस्पताल में लगभग 90 मिनट तक चली सर्जरी करानी पड़ी और बाद में उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अकाली दल के अध्यक्ष पर करीब दो साल में यह दूसरा हमला था। बादल की सुरक्षा में तैनात महाराष्ट्र पुलिस के इंस्पेक्टर संतोष वैजनाथ केंद्रे भी इस घटना में घायल हो गए थे। उनकी हालत अब स्थिर है और अकाली दल के नेताओं ने बादल की जान बचाने और “मानव ढाल की तरह” खड़े होने के लिए उनकी सराहना की है।



