
चारधाम यात्रा के दूसरे चरण में श्रद्धालुओं की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। कुल पंजीकरण 50 लाख के आंकड़े को पार कर चुके हैं, जबकि वास्तविक आगमन लगभग 44-45 लाख के आसपास है।
श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि केवल बद्रीनाथ और केदारनाथ धामों ने ही श्रद्धालुओं का जबरदस्त आकर्षण देखा है। इन दोनों धामों से समिति को कुल लगभग 74.5 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है, जिसमें से करीब 37 करोड़ रुपये अकेले केदारनाथ धाम से आए हैं।
उन्होंने कहा, “केदारनाथ धाम के लिए लगभग 19,34,000 श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया, जबकि बद्रीनाथ के लिए करीब 17,79,451 पंजीकरण हुए। चारों धामों के लिए अब तक कुल लगभग 50 लाख लोग पंजीकृत हो चुके हैं, जिनमें से इन दो धामों के लिए 30.62 लाख पंजीकरण हैं। वास्तविक रूप से चारों धामों में लगभग 44 से 45 लाख श्रद्धालु पहुंच चुके हैं।”
सोमवार को दी गई जानकारी के अनुसार, केदारनाथ और बद्रीनाथ में कुल 30,62,228 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इनमें केदारनाथ में 16,12,112 और बद्रीनाथ में 14,50,116 श्रद्धालु शामिल हैं। मानसून के बावजूद दोनों धामों में श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारू बनी हुई है और व्यवस्थाएं बरसात का सामना अच्छी तरह कर रही हैं।
चारधाम यात्रा में उत्तराखंड के चार प्रमुख तीर्थस्थल—केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री—शामिल हैं।
इससे पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास से सभी जिलाधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर मानसून की स्थिति, चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा, आपदा प्रबंधन, ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम, सत्यापन अभियान और सड़कों को गड्ढा-मुक्त बनाने सहित विभिन्न मुद्दों पर निर्देश दिए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को मानसून को देखते हुए सतर्कता बढ़ाने, आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह अलर्ट रखने, फोन चालू रखने और हर समय उपलब्ध रहने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने और आम लोगों को असुविधा न होने देने के लिए सभी आवश्यक तैयारी सुनिश्चित की जाए।



