
ईरान हॉर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह सुरक्षित रूप से फिर से खोलने में नाकाम है क्योंकि उसने युद्ध के दौरान जो नौसेना माइन्स बिछाए थे, उन्हें अब ढूंढ नहीं पा रहा है और उन्हें हटाने की तकनीकी क्षमता भी नहीं है।
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी अधिकारियों ने यह जानकारी दी है। पिछले महीने ईरान ने छोटी नावों से जलडमरूमध्य में बेतरतीब तरीके से माइन्स बिछाए थे, जिससे वैश्विक शिपिंग और तेल की कीमतें प्रभावित हुईं।
ईरान ने कभी-कभी एक संकीर्ण सुरक्षित मार्ग खुला रखा था, जिसमें टोल देकर जहाज गुजर सकते थे, लेकिन अब भी पूरा क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। माइन्स बिछाने का काम haphazard (बेतरतीब) था और कई जगहों का रिकॉर्ड भी नहीं रखा गया। कुछ माइन्स बह भी गए हैं, जिससे रिकवरी और मुश्किल हो गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर की शर्त के तौर पर हॉर्मुज को “पूर्ण, तत्काल और सुरक्षित” रूप से खोलने की मांग की है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने “तकनीकी सीमाओं” का जिक्र करते हुए कहा कि जलडमरूमध्य को खोलने में देरी हो रही है।
यह मुद्दा आज इस्लामाबाद में होने वाली अमेरिका-ईरान शांति वार्ता में भी प्रमुखता से उठने की संभावना है, जहां अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD वेंस ईरानी प्रतिनिधिमंडल (विदेश मंत्री अरागची और संसद स्पीकर गालिबाफ के नेतृत्व में) से बात करेंगे।
ईरान की नौसेना बेस पर अमेरिकी हमलों से कई जहाज डूब चुके हैं, लेकिन उसके पास अभी भी सैकड़ों छोटी नावें हैं, जिनसे नई माइन्स बिछाई जा सकती हैं।




