
मुरादाबाद के सिविल लाइंस इलाके में बुधवार रात पुलिस और मेरठ एसटीएफ की संयुक्त टीम ने उधम सिंह गैंग के शार्प शूटर आशु उर्फ मोंटी को मुठभेड़ में मार गिराया। आशु को सीने में तीन गोलियां लगीं, जो हार्ट और फेफड़ों को चीरते हुए आर-पार निकल गईं। अत्यधिक खून बहने से उसकी मौत हो गई।
आशु हापुड़ के हाफिजपुर का रहने वाला था और उधम सिंह गैंग का सक्रिय सदस्य था। उसके खिलाफ पांच जिलों में 36 मुकदमे दर्ज थे। एसएसपी ने उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
कुछ दिन पहले आशु ने सिविल लाइंस के निर्यातक अरशू ढल को फोन पर पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। रकम न देने पर हत्या की धमकी दी। दो दिन बाद उनकी फर्म पर बाइक सवार बदमाशों ने फायरिंग भी की थी। बुधवार रात रंगदारी वसूलने पहुंचे आशु और उसके साथी को पुलिस ने घेर लिया। मुठभेड़ में आशु ढेर हो गया, जबकि उसका साथी भाग निकला।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तीन गोलियों की पुष्टि हुई। पुलिस ने मौके से स्विफ्ट कार, 32 बोर पिस्टल, रिवॉल्वर, 12 बोर बंदूक और कारतूस बरामद किए। निर्यातक की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
आशु ने आठ महीने पहले रायबरेली की एक युवती से शादी की थी और गाजियाबाद में रहता था। उसके भाइयों ने बताया कि उन्हें रंगदारी की कोई जानकारी नहीं है। पुलिस अब उसके साथी की तलाश में जुटी हुई है।



