
प्रयागराज में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ बड़ा मामला सामने आया है। स्पेशल POCSO कोर्ट (एडीजे रेप एंड POCSO) के जज विनोद कुमार चौरसिया ने आदेश दिया कि झूंसी थाने में FIR दर्ज की जाए। शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी (शाकंभरी पीठाधीश्वर) ने आरोप लगाया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद गिरी ने आश्रम में नाबालिग बच्चों (बटुकों) का यौन शोषण किया।
मुख्य आरोप
- POCSO एक्ट की धारा 3/5/9/17 और BNS की धारा 69, 74, 75, 76, 79, 109 आदि लगाई गईं।
- घटना 13 जनवरी 2025 से 15 फरवरी 2026 तक, जिसमें माघ मेले और कुंभ के दौरान भी शोषण का जिक्र।
- दो पीड़ितों (एक नाबालिग, एक बालिग) के बयान कोर्ट में दर्ज। आरोप ‘गुरु सेवा’ के बहाने शोषण का है।
- 2-3 अज्ञात लोगों पर भी केस।
पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोपों को “गढ़ा हुआ” (fabricated) बताया और कहा कि जांच से सत्य सामने आएगा। शिकायतकर्ता का क्रिमिनल रिकॉर्ड होने का भी जिक्र किया। यह मामला धार्मिक जगत में हलचल मचा रहा है।



