
आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने मंगलवार को बयान जारी कर मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आज का दिन करोड़ों किसानों और आम जनता के लिए काला दिन है। सरकार ने बिना देश को विश्वास में लिए अमेरिका के आगे सरेंडर कर दिया। हैरानी की बात कि ट्रेड डील की जानकारी अमेरिकी राष्ट्रपति के ट्वीट से मिली, न कि भारत सरकार से।
सिंह ने कहा कि अब भारत रूस से सस्ता तेल नहीं खरीदेगा, बल्कि अमेरिका और वेनेजुएला से महंगा तेल लेगा। वेनेजुएला का तेल घटिया है, रिफाइनिंग महंगी। इससे पेट्रोल-डीजल और जरूरी चीजें महंगी होंगी। इससे ज्यादा खतरनाक है अमेरिकी कृषि उत्पादों पर जीरो ड्यूटी। अमेरिका से सस्ता कपास, गेहूं, सब्जियां आएंगी, भारतीय किसानों की फसल बिकनी मुश्किल हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि 70-80 करोड़ लोग खेती पर निर्भर हैं। यह फैसला किसानों की पीठ में छुरा है, जैसे तीन काले कृषि कानून थे। गोदी मीडिया इसे उपलब्धि बताएगा, लेकिन सच्चाई है कि भारत के फैसले वॉशिंगटन से हो रहे हैं। अमेरिका की एग्रीकल्चर सेक्रेटरी ने डील पर खुशी जताई, जो अमेरिकी किसानों के लिए फायदेमंद है।
सिंह ने सवाल उठाया कि मोदी पर कौन-सा दबाव है? एप्स्टीन फाइल्स में नाम और अदाणी को अमेरिका से सम्मन से क्या कनेक्शन? उन्होंने चेतावनी दी कि अगर डील वापस नहीं ली गई, तो सड़क से संसद तक बड़ा आंदोलन होगा।



