वाराणसी में उत्तर प्रदेश एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मंगलवार देर रात एक बड़ा हादसा टला। एक लाख रुपये के इनामी बदमाश बनारसी यादव (45) को चौबेपुर थाना क्षेत्र के बारियासनपुर रिंग रोड पर मुठभेड़ में मार गिराया गया। यादव ने पुलिस पर फायरिंग की, जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया और अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
बनारसी यादव का क्रिमिनल इतिहास
गाजीपुर के करंडा क्षेत्र के गौरहट गांव का रहने वाला बनारसी यादव सुपारी किलर था। उसके खिलाफ वाराणसी, गाजीपुर, सोनभद्र समेत विभिन्न जिलों में 24 से ज्यादा मुकदमे दर्ज थे, जिनमें हत्या, हत्या का प्रयास, लूट और अन्य गंभीर अपराध शामिल थे। वह सारनाथ के कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम हत्याकांड का मुख्य आरोपी था, जहां 60 लाख की जमीन विवाद में सुपारी पर हत्या करवाई गई थी। पुलिस 166 दिनों से उसकी तलाश में थी।
मुठभेड़ में बरामदगी
पुलिस ने मौके से दो पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए। यादव हथियारों से लैस था और अपराधियों के नेटवर्क को मजबूत करने में सक्रिय था।
एसटीएफ की इस सफलता से क्षेत्र में अपराधियों पर दबाव बढ़ा है। पुलिस अब उसके साथियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की तैयारी में है।



