
एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने अजित पवार की मौत के बाद दोनों एनसीपी गुटों के विलय पर पहली बार बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अजित पवार की इच्छा पूरी होनी चाहिए और विलय की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
शरद पवार ने बताया कि पिछले चार महीनों से दोनों गुटों के बीच विलय की बात चल रही थी। इसमें अजित पवार, जयंत पाटिल और शशिकांत शिंदे मुख्य भूमिका में थे। विलय की तारीख तय हो चुकी थी – 12 फरवरी को इसका आधिकारिक एलान होना था। लेकिन अजित पवार के प्लेन क्रैश में निधन के कारण यह प्रक्रिया रुक गई।
शरद पवार ने कहा, “अब हम महसूस करते हैं कि उनकी इच्छा पूरी होनी चाहिए। दुर्भाग्य से अजित हमसे पहले ही चले गए।”
पृष्ठभूमि
- जुलाई 2023 में अजित पवार ने 40+ विधायकों के साथ एनसीपी से अलग होकर महायुति सरकार में शामिल हो गए थे।
- इसके बाद शरद पवार ने अपनी पार्टी को NCP (Sharadchandra Pawar) नाम दिया।
- अजित पवार की मौत के बाद सुनेत्रा पवार को डिप्टी सीएम बनाने की चर्चा है, जो महायुति के साथ जुड़ने का संकेत माना जा रहा है।
- शरद पवार ने स्पष्ट किया कि उन्हें सुनेत्रा की शपथ या फैसले की कोई जानकारी नहीं थी।


