एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने अपने भतीजे अजित पवार की मौत के बाद सुनेत्रा पवार को महाराष्ट्र की डिप्टी चीफ मिनिस्टर बनाने के फैसले पर पहली बार प्रतिक्रिया दी है। शरद पवार ने स्पष्ट कहा कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं थी और यह फैसला उनकी पार्टी (एनसीपी) ने लिया है, जिसमें उन्हें शामिल नहीं किया गया।
शरद पवार ने कहा, “मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं है। उनकी पार्टी ने फैसला किया होगा… आज अखबार में देखा कि प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे जैसे नामों ने कुछ फैसले लिए हैं। मेरी कोई चर्चा नहीं हुई। मुझे पता नहीं कि यह हो रहा है या नहीं।”
उन्होंने बताया कि पिछले चार महीनों से दोनों एनसीपी गुटों के विलय की बात चल रही थी, जिसमें अजित पवार, जयंत पाटिल और शशिकांत शिंदे शामिल थे। विलय की तारीख 12 फरवरी तय थी, लेकिन अजित पवार की मौत से यह प्रक्रिया रुक गई। शरद पवार ने कहा, “अब हम महसूस करते हैं कि उनकी इच्छा पूरी होनी चाहिए।”
पृष्ठभूमि
- अजित पवार 28 जनवरी को बारामती में प्लेन क्रैश में मारे गए थे। विमान में सवार अन्य चार लोगों की भी मौत हुई।
- उनका अंतिम संस्कार 29 जनवरी को बारामती के विद्या प्रतिष्ठान मैदान पर पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ हुआ।
- सुनेत्रा पवार (जो विधानसभा या विधान परिषद की सदस्य नहीं हैं) शनिवार को मुंबई में एनसीपी विधायक दल की नेता चुनी जाएंगी और उसके बाद डिप्टी सीएम पद की शपथ ले सकती हैं।
- महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महायुति गठबंधन एनसीपी के फैसले का समर्थन करेगा और अजित पवार के परिवार के साथ खड़ा है।



