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उत्तर प्रदेश : लखनऊ में डेंगू के 434 मामले सामने आए, अस्पताल अलर्ट पर

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, लखनऊ में डेंगू के मामले बढ़ रहे हैं और जनवरी से 13 अक्टूबर के बीच 434 लोग संक्रमित पाए गए हैं। सितंबर में सबसे अधिक मामले दर्ज किए गए, जिसमें 193 मरीज संक्रमित हुए थे । अक्टूबर के पहले 13 दिनों में 130 और मामले सामने आए। मामलों में वृद्धि के मद्देनजर, स्वास्थ्य विभाग ने एहतियाती कदम बढ़ा दिए हैं। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू), डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, बलरामपुर अस्पताल और सिविल अस्पताल में डेंगू मरीजों के लिए अलग वार्ड स्थापित किए गए हैं।

मंगलवार को दो नए मामले सामने आए, जिनमें से एक मरीज चंदननगर से और दूसरा इंदिरानगर से था। श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से डेंगू के मामले नियमित रूप से सामने आ रहे हैं। अस्पताल में डेंगू के पांच मरीज भर्ती हैं, जिनमें तीन बच्चे और दो पुरुष शामिल हैं। उन्होंने बताया कि उनकी हालत स्थिर है। मंगलवार को दो मरीजों को भर्ती किया गया, जबकि तीन का पहले से ही इलाज चल रहा था। डॉक्टर के अनुसार, मरीजों को बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द और मांसपेशियों में दर्द जैसे लक्षण महसूस हो रहे हैं।

लखनऊ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनबी सिंह ने कहा कि बारिश के बाद जलभराव के कारण मच्छरों के प्रजनन में वृद्धि हुई है। कूलरों, गमलों और छतों पर पड़े बेकार टायरों में जमा पानी डेंगू फैलाने वाले मच्छरों के प्रजनन का स्थान बन सकता है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें मच्छरों के लार्वा की जांच और छिड़काव अभियान चलाकर इनके प्रसार को नियंत्रित कर रही हैं। उन्होंने निवासियों से अपने घरों के अंदर और आसपास पानी जमा होने से रोकने का आग्रह किया है। उन्होंने लोगों को मच्छरों के काटने के खतरे को कम करने के लिए पूरी बाजू के कपड़े पहनने और मच्छरदानी का उपयोग करने की भी सलाह दी है।

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