
लखनऊ में 69,000 शिक्षक भर्ती के उम्मीदवारों और पुलिस के बीच विरोध प्रदर्शन के दौरान झड़प हो गई। जब उनका रास्ता रोका गया, तो प्रदर्शनकारी उत्तेजित हो गए। इससे धक्का-मुक्की और बहस हुई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जबरदस्ती उठाया और बसों में बिठाया प्रदर्शनकारियों को बसों में ठूंस-ठूंस कर इको गार्डन ले जाया गया। आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने उनके बैनर भी फाड़ दिए। प्रदर्शनकारी सोमवार सुबह करीब 11 बजे घटनास्थल पर पहुंचे थे।
उम्मीदवारों ने कहा सुप्रीम कोर्ट जातिवादी है पिछड़े-दलितों के लिए आरक्षण का विरोध हो रहा है, जातिवादी योगी शासन कायम है।” उन्होंने ग्राफ़िक्स का इस्तेमाल करते हुए समझाया कि सुप्रीम कोर्ट ने एक ही दिन में 15% उच्च जातियों के पक्ष में फैसला सुना दिया, जबकि पिछड़े-दलित उम्मीदवार, जो 85% हैं, 10 महीनों से बिना किसी फैसले के इंतजार कर रहे हैं। 69,000 शिक्षकों की भर्ती में आरक्षण श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए कोई प्रगति नहीं हुई है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जहां यूजीसी का फैसला एक दिन में सुनाया गया, वहीं शिक्षक भर्ती का मामला 10 महीने से अटका हुआ है। विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगो ने कहा, “हम हर रोज आएंगे और एक-एक करके हर विधायक, नेता और मंत्री को घेर लेंगे। देखते हैं पुलिस हमें कब तक रोक पाती है। हम यह लड़ाई तब तक लड़ेंगे जब तक हम सांस लेते रहेंगे और कहा हमलोग विरोध प्रदर्शन करने आए हैं। पुलिस वाले सबको गाड़ियों में ठूंस रहे हैं। ये नेता और मंत्री पुलिस से हमें पिटवा रहे हैं और लाठियां चलवा रहे हैं।


