
एआई शिखर सम्मेलन विरोध प्रदर्शन मामले में युवा कांग्रेस प्रमुख उदय भानु चिब को पटियाला हाउस कोर्ट के ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने जमानत दे दी है। अदालत ने 50,000 रुपये के निजी मुचलके पर जमानत मंजूर की। यह आदेश तब आया जब बचाव पक्ष ने दिल्ली पुलिस द्वारा चिब की पुलिस हिरासत बढ़ाने के अनुरोध का विरोध करते हुए जमानत याचिका दायर की। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने देर रात चिब की पुलिस हिरासत सात दिन बढ़ाने के लिए अर्जी दी थी। इसी मामले में दो अन्य आरोपियों की रिमांड के लिए भी अलग-अलग अर्जी दाखिल की गई थीं। हालांकि, दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने चिब की हिरासत बढ़ाने से इनकार कर दिया। अदालत ने पाया कि क्राइम ब्रांच आगे की पुलिस रिमांड को उचित ठहराने के लिए पर्याप्त कारण नहीं दे पाई।
जमानत देते समय अदालत ने चिब को अपना पासपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया। जमानत की शर्तों के तहत उन्हें अपने इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी अदालत में जमा करने का आदेश दिया गया है। दिल्ली पुलिस ने चिब को 24 फरवरी को राष्ट्रीय राजधानी के भारत मंडपम में आयोजित एआई शिखर सम्मेलन के दौरान बिना शर्ट पहने विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। बाद में उन्हें चार दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। यह विरोध प्रदर्शन शिखर सम्मेलन स्थल पर हुआ था, जिसने ध्यान आकर्षित किया और पुलिस कार्रवाई को प्रेरित किया।



