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बालाकोट डॉगफाइट में MiG-21 क्यों इस्तेमाल हुआ, पाक F-16 के खिलाफ नहीं था कोई दूसरा विकल्प ?

2019 के बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद हुए डॉगफाइट में विंग कमांडर अभिनंदन वर्थमान का MiG-21 बाइसन पाक F-16 से टकराया और गिरा। कई लोगों ने सवाल उठाया कि पुराने MiG-21 को इतने एडवांस्ड F-16 के खिलाफ क्यों भेजा गया।

हाल ही में एक चर्चा में पूर्व IAF चीफ एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने स्पष्ट किया कि यह फैसला पसंद का नहीं, बल्कि ऑपरेशनल जरूरत का था। उन्होंने कहा: “क्या हमारे पास बेहतर प्लेन थे?” श्रीनगर में सिर्फ MiG-21 उपलब्ध थे। Su-30MKI टोपोग्राफी के कारण उस इलाके में नहीं जा सकते थे। HAL से 27 अपग्रेडेड मिराज 2000 मिलने थे, लेकिन सिर्फ 7 मिले। LCA तेजस था, लेकिन उसमें हथियार नहीं थे।

धनोआ ने कहा: “MiG-21 इसलिए भेजे गए क्योंकि कोई दूसरा विकल्प नहीं था। व्यक्तिगत रूप से मानता हूं कि MiG-21 वहां नहीं होना चाहिए था। प्रधानमंत्री ने भी कहा कि राफेल होते तो नतीजा अलग होता। दुश्मन हमला करे तो जो उपलब्ध है, उसी से लड़ना पड़ता है।”

MiG-21 बाइसन पुराना नहीं था—यह अपग्रेडेड वर्जन था, बेहतर हथियार और एयर-टू-एयर मिसाइल के साथ। डॉगफाइट में भारत ने पाक F-16 गिराया (IAF दावा), जबकि एक MiG-21 खोया।

यह घटना Pulwama हमले के बाद Balakot स्ट्राइक (26 फरवरी 2019) के अगले दिन हुई, जब पाक ने भारतीय मिलिट्री टारगेट पर हमला करने की कोशिश की।

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