
मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने शनिवार को सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए चौथी बार माफी मांगी। यह माफी सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से महज दो दिन पहले आई, जहां 9 फरवरी को उनके खिलाफ अभियोजन की मंजूरी पर फैसला होगा।
मई 2026 में इंदौर में एक कार्यक्रम में शाह ने कहा था: “जिन्होंने हमारी बेटियों को विधवा किया, हमने उनकी अपनी बहन को भेजकर उन्हें सबक सिखाया।” यह टिप्पणी ऑपरेशन सिंदूर (12 मई 2026) के बाद मीडिया ब्रीफिंग में कर्नल कुरैशी की मौजूदगी पर थी, जो अप्रैल 2026 के पहलगाम आतंकी हमले (22 अप्रैल, 26 मौतें) के जवाब में पाकिस्तान पर भारत की कार्रवाई थी।
शाह ने वीडियो में कहा:
- “मैंने किसी महिला अधिकारी, भारतीय सेना या समाज के किसी वर्ग को अपमानित करने का इरादा नहीं किया।”
- “शब्द देशभक्ति के उत्साह में निकले, लेकिन गलत थे।”
- “मैंने पहले भी कई बार माफी मांगी है, आज फिर मांग रहा हूं।”
- “मैंने आत्ममंथन किया, सबक लिया। भविष्य में भाषा पर नियंत्रण रखूंगा।”
- “सेना के प्रति सम्मान हमेशा रहा और रहेगा।”
बीजेपी नेताओं से बैठक के बाद यह वीडियो आया। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणियों पर गंभीर नोट लिया। हाईकोर्ट के निर्देश पर FIR दर्ज हुई, SIT गठित हुई। 18 जनवरी को SC ने राज्य सरकार को दो सप्ताह में अभियोजन मंजूरी पर फैसला करने को कहा। CJI ने पहले माफी को “बहुत देर” और “मगरमच्छ के आंसू” बताया था।
यह मामला राजनीतिक विवाद का केंद्र बना हुआ है, जहां शाह की माफी को कोर्ट ने पहले खारिज किया था।



