
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, बसंत पंचमी के दिन उत्तराखंड भर में मौसम में अचानक बदलाव आया और पहाड़ी जिलों में बारिश और बर्फबारी शुरू हो गई। पश्चिमी क्षेत्र से आए नए विक्षोभ ने लंबे समय से चले आ रहे सूखे का अंत कर दिया है, जिससे कई पर्यटन और तीर्थ केंद्रों पर मौसम की पहली बर्फबारी हुई है और पूरे राज्य में सर्दियों की ठंड और बढ़ गई है। शुक्रवार की सुबह मसूरी में हल्की बारिश हुई, जो जल्द ही बर्फबारी में बदल गई। यह इस पहाड़ी शहर में इस मौसम की पहली बर्फबारी थी।
पर्यटक बदलते मौसम का आनंद लेते नजर आए, वहीं स्थानीय निवासियों ने ठंड में उल्लेखनीय वृद्धि की सूचना दी। सुबह भर रुक-रुक कर बारिश और बर्फबारी जारी रही और आसमान में काले बादल छाए रहे। मसूरी में अधिकतम तापमान गिरकर लगभग 6 डिग्री सेल्सियस हो गया, जबकि न्यूनतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। लगभग तीन महीने के सूखे के बाद अचानक हुए इस बदलाव से स्थानीय लोगों और पर्यटकों को राहत मिली है, तापमान में गिरावट आई है और लोग गर्म कपड़े पहनने और अलाव जलाने की ओर रुख कर रहे हैं।
भारी बर्फबारी के कारण केदारनाथ धाम लगभग 2 फीट बर्फ से ढक गया है। आसपास की पहाड़ियाँ सफेद बर्फ से ढकी हुई हैं, जिससे मंदिर का मनमोहक दृश्य दिखाई देता है। अत्यधिक ठंड के कारण केदारनाथ में सभी पुनर्निर्माण कार्य रोक दिए गए हैं। फिलहाल, मंदिर में केवल पुलिसकर्मी, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवान और कुछ संत ही मौजूद हैं। पास के पहाड़ी तीर्थ स्थलों जैसे तुंगनाथ मंदिर और मध्यमहेश्वर मंदिर में भी बर्फबारी हुई है, जबकि चोपटा में भी बर्फबारी की आशंका है, जहां इस सर्दी में अब तक बर्फ नहीं गिरी थी।


