
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि तेहरान के पास अब “कोई कार्ड नहीं बचा” है।
ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा
“ईरानी यह समझ नहीं पा रहे कि उनके पास अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से दुनिया की छोटी अवधि की ब्लैकमेलिंग के अलावा कुछ नहीं बचा है। वे आज सिर्फ इसलिए जिंदा हैं क्योंकि उन्हें बातचीत करनी है!”
ट्रंप ने न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए इंटरव्यू में कहा कि अगर इस्लामाबाद में चल रही शांति वार्ता नाकाम रही तो अमेरिकी युद्धपोतों को “सबसे बेहतरीन गोला-बारूद” से लैस किया जा रहा है और हमले फिर से शुरू किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा, “हम 24 घंटे में पता लगा लेंगे।”
ट्रंप ने ईरान पर तंज कसते हुए कहा, “ईरानी फेक न्यूज मीडिया और पब्लिक रिलेशंस को लड़ाई से ज्यादा अच्छे से संभालते हैं।”
वार्ता पर व्हाइट हाउस का optimism
व्हाइट हाउस की ओर से प्रिंसिपल डिप्टी प्रेस सचिव अन्ना केली ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप को इस्लामाबाद की वार्ता से अच्छा परिणाम मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, स्पेशल एन्वॉय स्टीव विटकोफ और कुश्नर को वार्ता का नेतृत्व सौंपा गया है। पूरी टीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल और स्टेट डिपार्टमेंट के साथ मिलकर काम कर रही है।
वार्ता में अमेरिका की मुख्य मांगें शामिल हैं — ईरान का समृद्ध यूरेनियम अमेरिका को सौंपना, हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बिना टोल के खोलना, प्रॉक्सी गुटों को समर्थन बंद करना और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर रोक।
ईरानी पक्ष का नेतृत्व विदेश मंत्री अब्बास अरागची और संसद स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ कर रहे हैं।




