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केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने AI इम्पैक्ट समिट के पहले दिन की समस्याओं के लिए मांगी माफी, कहा- टर्नआउट शानदार, अब सुधार के लिए प्रतिबद्ध

भारत AI इम्पैक्ट समिट 2026 के पहले दिन (16 फरवरी) की भीड़ और व्यवस्था संबंधी समस्याओं पर केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने माफी मांग ली है। उन्होंने इसे दुनिया का सबसे बड़ा AI समिट बताया और कहा कि पहले दिन 70,000 से अधिक लोगों की उपस्थिति रही, जिससे ऊर्जा जबरदस्त थी।

भारत मंडपम में प्रेस कॉन्फ्रेंस में वैष्णव ने कहा, “यह दुनिया का सबसे बड़ा AI समिट है। रिस्पॉन्स फेनोमेनल रहा। ऊर्जा महसूस हो रही है। कल किसी को अगर परेशानी हुई, तो हम माफी मांगते हैं। अब संगठन बहुत सुचारू हो गया है।”

मंत्री ने आगे कहा, “जो भी फीडबैक है, हमें बताएं। हम ओपन-माइंडेड हैं। वॉर रूम कल से काम कर रहा है। पूरी टीम दिन-रात मेहनत कर रही है ताकि सभी को स्मूद और एंजॉयेबल अनुभव मिले।”

पहले दिन की प्रमुख समस्याएं:

  • भारी भीड़ से एंट्री पॉइंट्स पर लंबी कतारें और देरी।
  • सिक्योरिटी चेक के दौरान स्टॉल्स से अस्थायी निकासी, कुछ स्टार्टअप्स के वेयरेबल्स गुम होने की शिकायत।
  • कम्युनिकेशन की कमी, वाई-फाई/मोबाइल नेटवर्क में दिक्कत, रजिस्ट्रेशन ग्लिच।
  • कुछ फाउंडर्स ने इसे “ऑप्टिक्स ओवर एक्जीक्यूशन” बताया और कहा कि VIPs को प्राथमिकता मिली, जबकि बिल्डर्स बाहर खड़े रहे।

नेो सैपियन के सीईओ धनंजय यादव ने आरोप लगाया कि सिक्योरिटी स्वीप के दौरान उनके AI वेयरेबल्स गायब हो गए। रिस्किल के फाउंडर पुनित जैन और प्रियांशु रत्नाकर ने भी व्यवस्था पर सवाल उठाए।

आयोजकों ने कहा कि सुधार के कदम उठाए जा रहे हैं और बाकी दिनों (17-20 फरवरी) में भीड़ प्रबंधन, एक्सेस और कनेक्टिविटी बेहतर होगी। समिट को ग्लोबल साउथ की आवाज मजबूत करने और AI के भविष्य को आकार देने के मंच के रूप में देखा जा रहा है।

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