
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के 20 फरवरी 2026 के फैसले ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की IEEPA के तहत लगाई गई व्यापक टैरिफ को रद्द कर दिया। इससे भारत-US ट्रेड डील पर अनिश्चितता छा गई, जहां हाल ही में भारत पर रेसिप्रोकल टैरिफ 25% से घटाकर 18% किया गया था (रूसी तेल खरीद के लिए अतिरिक्त 25% पेनल्टी हटाई गई)।
ट्रंप ने फैसले को “बहुत बुरा” बताते हुए तुरंत Section 122 (ट्रेड एक्ट 1974) के तहत सभी देशों पर 10% ग्लोबल टैरिफ लगाने का एग्जीक्यूटिव ऑर्डर साइन किया। यह टैरिफ 24 फरवरी से 150 दिनों तक लागू रहेगा।
ट्रंप ने कहा कि भारत पर 18% टैरिफ बरकरार रहेगा, क्योंकि “डील में कुछ नहीं बदला” और “वे टैरिफ देंगे, हम नहीं”। लेकिन व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया कि ट्रेड डील वाले देशों (जैसे भारत) पर अब अस्थायी रूप से सिर्फ 10% टैरिफ लगेगा, भले पहले सहमति 18% की थी।
कई रिपोर्ट्स के अनुसार, पुरानी MFN दर 3.5% + नया 10% = कुल 13.5% हो सकता है, लेकिन व्हाइट हाउस ने इसे 10% ही बताया है (“until another authority is invoked”)। Section 232 (स्टील, एल्यूमिनियम पर 50%) और Section 301 टैरिफ बरकरार रहेंगे।



