यूपी महिला आयोग अध्यक्ष बबीता चौहान का विवादित बयान: ‘बुर्का पहनना है तो घर में रहें, वहीं महिलाएं ज्यादा असुरक्षित’
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान ने बुर्का और नकाब को लेकर विवादास्पद टिप्पणी की है, जिससे राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बवाल मच गया। मंगलवार को आगरा के सर्किट हाउस में आयोजित जनसुनवाई के दौरान कई मुस्लिम महिलाएं नकाब पहनकर अपनी शिकायतें लेकर पहुंची थीं। इस पर बबीता चौहान ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि अगर महिलाओं को नकाब या बुर्का पहनकर पहचान छिपानी ही है, तो वे घर में ही रहें, क्योंकि घर के अंदर महिलाएं बाहर की तुलना में ज्यादा असुरक्षित होती हैं। चौहान ने तर्क दिया कि जब आधार कार्ड, वोटर आईडी, पासपोर्ट या आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए चेहरा दिखाया जाता है, तो अस्पताल, जनसुनवाई या सरकारी कार्यालयों में पहचान क्यों छिपाई जाती है? इससे महिलाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ और न्याय मिलने में बाधा आती है।
यह बयान बिहार सीएम नीतीश कुमार के हिजाब विवाद के ठीक बाद आया है, जिससे इसकी चर्चा और बढ़ गई है।
घुसपैठियों और एसआईआर पर टिप्पणी
जनसुनवाई में बबीता चौहान ने बांग्लादेशी घुसपैठियों और एसआईआर (सिटीजनशिप अमेंडमेंट रूल्स) के मुद्दे पर भी बोला। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार हो रहे हैं और घुसपैठिए भारत पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। पूर्व सरकारें इन मुद्दों पर दबाव में आ जाती थीं, लेकिन वर्तमान सरकार किसी दबाव में नहीं आएगी और कड़ी कार्रवाई करेगी।
जनसुनवाई में 42 शिकायतों का निपटारा
इस दौरान आयोग ने 42 शिकायतों की सुनवाई की, जिनमें ज्यादातर घरेलू हिंसा, उत्पीड़न और लड़कियों के लापता होने से जुड़ी थीं। बबीता चौहान ने अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए और कहा कि इन शिकायतों से स्पष्ट है कि महिलाओं के खिलाफ समस्याएं अभी भी गंभीर हैं।