उत्तर प्रदेश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दी इरफान सोलंकी और रिजवान सोलंकी को बड़ी राहत, गैंगस्टर एक्ट में जमानत मंजूर

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 25 सितंबर को समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी, उनके भाई रिजवान सोलंकी, और सह-आरोपी इजरायल आटेवाला को गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मामले में जमानत दे दी है।

यह फैसला न्यायमूर्ति समीर जैन की एकल पीठ ने सुनाया। कोर्ट ने 2 सितंबर 2025 को दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस जमानत के साथ ही इरफान सोलंकी के खिलाफ दर्ज सभी मामलों में उन्हें राहत मिल चुकी है, जिसके बाद वह अब जेल से बाहर आ सकेंगे।

मामले का विवरण
कानपुर के जाजमऊ थाने में 26 दिसंबर 2022 को इरफान सोलंकी, रिजवान सोलंकी, इजरायल आटेवाला, मोहम्मद शरीफ, शौकत अली, और अन्य के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। यह मामला जाजमऊ की डिफेंस कॉलोनी में नजीर फातिमा के प्लॉट पर कथित आगजनी से जुड़ा था। नजीर फातिमा ने आरोप लगाया था कि 7 नवंबर 2022 को इरफान और उनके सहयोगियों ने उनके प्लॉट पर बनी झोपड़ी में आग लगाकर कब्जा करने की कोशिश की थी। इस मामले में कानपुर की एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट ने जून 2024 में इरफान, रिजवान, और अन्य को सात साल की सजा सुनाई थी, जिसके बाद इरफान की विधानसभा सदस्यता रद्द हो गई थी।

जमानत का आधार
इरफान सोलंकी के वकील इमरान उल्लाह और विनीत विक्रम ने कोर्ट में दलील दी कि सोलंकी बंधुओं को राजनीतिक दुश्मनी के कारण फंसाया गया है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि इरफान सोलंकी चार बार विधायक रहे हैं और उनकी जनता के बीच अच्छी छवि है। कोर्ट ने 2020 के सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि किसी व्यक्ति के खिलाफ कई आपराधिक मामले होने से जमानत देने से इनकार नहीं किया जा सकता। जस्टिस समीर जैन की पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद इरफान, रिजवान, और इजरायल आटेवाला की जमानत अर्जी मंजूर कर ली।

अन्य मामलों में जमानत
इरफान सोलंकी और रिजवान सोलंकी को पहले रंगदारी (मार्च 2025), फर्जी आधार कार्ड से यात्रा (मार्च 2025), और बांग्लादेशी नागरिक को फर्जी दस्तावेज बनवाने (अक्टूबर 2024) के मामलों में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी थी। गैंगस्टर एक्ट का यह आखिरी मामला था, जिसमें जमानत मिलने के बाद अब इरफान सोलंकी के जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है। रिजवान सोलंकी को भी इस मामले में जमानत मिली है, और उनके खिलाफ कोई अन्य मामला लंबित नहीं है।

सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव
इरफान सोलंकी की जमानत की खबर से कानपुर की सीसामऊ विधानसभा सीट पर उत्साह का माहौल है, जहां उनकी पत्नी नसीम सोलंकी वर्तमान में सपा विधायक हैं। नसीम ने 2024 के उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी को हराकर यह सीट जीती थी। इरफान के समर्थकों ने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया, और उनके घर पर उत्सव जैसा माहौल है। X पर #IrfanSolanki और #SamajwadiParty ट्रेंड कर रहे हैं, जहां समर्थकों ने इसे “न्याय की जीत” करार दिया। एक यूजर ने लिखा, “इरफान सोलंकी को फंसाया गया था, अब सच सामने आया। सपा की ताकत बढ़ेगी।”

वहीं, भाजपा नेताओं ने इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। एक स्थानीय भाजपा नेता ने कहा, “इरफान सोलंकी के खिलाफ 17 मामले दर्ज हैं, और उनकी संपत्ति पर ईडी की छापेमारी भी हुई थी। यह जमानत उनके आपराधिक रिकॉर्ड को कम नहीं करती।”

आरोपों का इतिहास
इरफान सोलंकी पर आगजनी, रंगदारी, फर्जी दस्तावेज, और पुलिस से अभद्रता जैसे 17 मामले दर्ज हैं। उनकी और उनके करीबियों की लगभग 200 करोड़ रुपये की संपत्ति गैंगस्टर एक्ट के तहत जब्त की जा चुकी है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 2016 से 2022 के बीच उनकी संपत्ति में 282% की वृद्धि की जांच की थी, जिसमें मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप भी शामिल हैं। इसके बावजूद, इरफान के वकीलों का कहना है कि ये मामले राजनीति से प्रेरित हैं।

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