देश

मिजोरम में ऐतिहासिक क्षण: पीएम मोदी ने किया बैराबी-सैरंग रेल लाइन का उद्घाटन, आइजोल पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़ा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को मिजोरम के आइजोल पहुंचकर राज्य की पहली रेल लाइन बैराबी-सैरंग का उद्घाटन किया, जिससे आइजोल भारतीय रेलवे मानचित्र पर आ गया। इस 51.38 किलोमीटर लंबी लाइन का निर्माण 8,070 करोड़ रुपये की लागत से पूरा हुआ, जो पहाड़ी इलाके की चुनौतियों के बावजूद इंजीनियरिंग का कमाल है।

इसमें 45 सुरंगें, 55 प्रमुख पुल और 88 लघु पुल शामिल हैं, जिनमें से एक पुल दिल्ली के कुतुब मीनार से 42 मीटर ऊंचा है। पीएम मोदी ने कहा, “आज से आइजोल रेलवे मानचित्र पर होगा। यह मिजोरम के लिए नई क्रांति का प्रारंभ है, जो यात्रा को सुरक्षित, तेज और सस्ता बनाएगा।”

उद्घाटन समारोह में पीएम ने आइजोल से दिल्ली के लिए पहली राजधानी एक्सप्रेस, आइजोल-कोलकाता एक्सप्रेस और आइजोल-गुवाहाटी एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई। इससे दिल्ली तक यात्रा का समय 8 घंटे कम हो जाएगा। मिजोरम अब गुवाहाटी, अगरतला और ईटानगर के बाद चौथा पूर्वोत्तर राज्य है, जिसकी राजधानी रेल नेटवर्क से जुड़ी। यह परियोजना 1999 में प्रस्तावित हुई थी, जिसका शिलान्यास 2014 में पीएम मोदी ने किया था। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इससे माल ढुलाई की लागत घटेगी, पर्यटन बढ़ेगा और रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

इसके अलावा, पीएम मोदी ने 9,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया, जिसमें आइजोल बाईपास रोड, थेंजावल-सियालसुक रोड और खानकॉन-रोंगुरा रोड शामिल हैं। उन्होंने ममित जिले के कावर्थाह में आवासीय स्कूल और आइजोल के त्लांगनुआम में एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूल का उद्घाटन किया। खराब मौसम के कारण आइजोल के लममुअल ग्राउंड में सभा को वर्चुअल संबोधन में बदल दिया गया। मिजोरम के राज्यपाल वीके सिंह, मुख्यमंत्री लालडूहोमा और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

पीएम मोदी ने कहा कि यह पूर्वोत्तर के विकास का प्रतीक है, जहां 2014 से 2025 तक रेलवे पर 62,477 करोड़ रुपये खर्च हुए और वर्तमान में 77,000 करोड़ की परियोजनाएं चल रही हैं। मिजोरम की समृद्ध संस्कृति, खेल प्रेम और खूबसूरत पहाड़ियों का जिक्र करते हुए उन्होंने राज्य को ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

Related Articles

Back to top button