उत्तर प्रदेश

शामली मुठभेड़: ₹1.25 लाख का इनामी बावरिया गिरोह सरगना मिथुन ढेर, साथी अंधेरे में फरार; SOG हेड कांस्टेबल घायल

उत्तर प्रदेश के शामली जिले के झिंझाना थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात पुलिस और कुख्यात बावरिया गिरोह के बीच जोरदार मुठभेड़ हुई। इस एनकाउंटर में ₹1.25 लाख का इनामी बावरिया गिरोह का सरगना मिथुन उर्फ मिठाई (35) मारा गया, जबकि उसका एक साथी फरार हो गया।

मुठभेड़ में स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) के हेड कांस्टेबल हरविंदर सिंह को गोली लगी, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी हालत खतरे से बाहर है। वहीं झिंझाना थाना प्रभारी इंस्पेक्टर वीरेंद्र कसाना की बुलेटप्रूफ जैकेट में गोली लगी, जिससे उनकी जान बाल-बाल बची।

पुलिस के मुताबिक, मुखबिर की सूचना पर SOG और झिंझाना पुलिस की संयुक्त टीम वेदखेड़ी-मंसूरा मार्ग पर स्थित खेतों में छिपे बदमाशों की घेराबंदी करने पहुंची। सूचना थी कि मिथुन और उसका साथी खेत में बनी झोपड़ी में शराब पार्टी कर रहे हैं। जैसे ही पुलिस ने घेरा डाला, दोनों बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।

जवाबी कार्रवाई में मिथुन को गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। अंधेरे का फायदा उठाकर उसका साथी भाग निकला। पुलिस ने मौके से एक कार्बाइन राइफल, इटली निर्मित बरेटा पिस्टल, कई जिंदा-असली कारतूस और खाली खोल बरामद किए।

मिथुन बावरिया पर शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और हरियाणा के थानों में हत्या, लूट, डकैती और आर्म्स एक्ट सहित दो दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज थे। वह कई सालों से फरार चल रहा था और पुलिस ने उस पर 1.25 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। मूल रूप से मध्य प्रदेश के निवासी बावरिया गिरोह के सदस्य पश्चिमी यूपी और हरियाणा में सक्रिय थे। पिछले महीने भी इसी गिरोह के दो सदस्यों का एनकाउंटर हुआ था।

एसएसपी शामली अभिषेक सिंह ने बताया, “मिथुन की मौत से बावरिया गिरोह को बड़ा झटका लगा है। फरार साथी की तलाश में कई टीमें लगाई गई हैं। SOG के घायल जवान को तुरंत मेडिकल सहायता दी गई है।” पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और फरार बदमाश की धरपकड़ के लिए इलाके में नाकाबंदी कर दी है।

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