देश

अंबरनाथ में भाजपा-कांग्रेस का गठबंधन: फडणवीस बोले- ‘यह बिल्कुल नहीं होना चाहिए’, गठबंधन तोड़ने के निर्देश

महाराष्ट्र के अंबरनाथ नगर परिषद में भाजपा ने कांग्रेस और अजित पवार की एनसीपी के साथ मिलकर ‘अंबरनाथ विकास आघाड़ी’ बनाई, जिससे महायुति के सहयोगी एकनाथ शिंदे की शिवसेना को सत्ता से बाहर कर दिया गया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस गठबंधन को “गलत” करार देते हुए कहा कि यह बिल्कुल नहीं होना चाहिए और इसे तुरंत तोड़ा जाएगा।

गठबंधन पर फडणवीस की सख्ती
7 जनवरी को रिपब्लिक टीवी को दिए इंटरव्यू में फडणवीस ने कहा, “यह बिल्कुल नहीं होना चाहिए। अंबरनाथ में हम राष्ट्रवादियों के साथ गठबंधन कर रहे थे और शिवसेना से भी बात चल रही थी। भाजपा और शिवसेना पहले और दूसरे नंबर की पार्टी हैं। लेकिन अगर स्थानीय स्तर पर कांग्रेस से गठबंधन किया गया, तो यह गलत है।” इंटरव्यू के तुरंत बाद फडणवीस ने निर्देश दिए कि अंबरनाथ में कांग्रेस से गठबंधन तोड़ा जाए।

चुनाव परिणाम और गठबंधन की स्थिति
अंबरनाथ नगर परिषद (कुल 60 सीटें) में दिसंबर 2025 के चुनाव परिणाम:

  • शिवसेना (शिंदे गुट): 27 सीटें (सबसे बड़ी पार्टी)
  • भाजपा: 14 सीटें
  • कांग्रेस: 12 सीटें
  • एनसीपी (अजित पवार): 4 सीटें
  • निर्दलीय/अन्य: 3

बहुमत के लिए 31 सीटें जरूरी। भाजपा ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर 32 सीटों का गठबंधन बनाया, जिससे शिवसेना विपक्ष में चली गई। भाजपा समर्थित उम्मीदवार तेजश्री करंजुले पाटिल नगराध्यक्ष चुनी गईं।

शिवसेना का गुस्सा
शिंदे गुट ने इसे “पीठ में छुरा घोंपना” और “अपवित्र गठबंधन” कहा। सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा, “यह सवाल हमारे सहयोगी भाजपा से है। वर्षों से केंद्र, राज्य और स्थानीय स्तर पर भाजपा-शिवसेना गठबंधन है, इसे अटूट रहना चाहिए।” एमएलए बालाजी किनीकर ने भाजपा पर “कांग्रेस मुक्त भारत” के नारे के बावजूद कांग्रेस से हाथ मिलाने का आरोप लगाया।

भाजपा का बचाव
भाजपा नेता गुलाबराव करंजुले पाटिल ने कहा कि शिवसेना के 25 साल के शासन में भ्रष्टाचार था, इसलिए उनके साथ गठबंधन अनुचित होता। उन्होंने दावा किया कि शिवसेना से बड़े गठबंधन की कोशिश की गई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।

कांग्रेस की चेतावनी
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने स्थानीय नेताओं को चेताया कि भाजपा से गठबंधन करने पर सख्त कार्रवाई होगी।

यह घटना महायुति गठबंधन में तनाव बढ़ा रही है, जबकि स्थानीय राजनीति में सत्ता के लिए अप्रत्याशित गठबंधन आम हैं।

Related Articles

Back to top button