राजस्थान में शिक्षक शंभूलाल धाकड़ गिरफ्तार: बच्चों के साथ अश्लील हरकतें और वीडियो बनाने के आरोप, सेवा से बर्खास्त, इतने दिन की रिमांड
चित्तौड़गढ़ जिले के बेगूं क्षेत्र में स्थित महात्मा गांधी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, आंवलहेड़ा में एक शिक्षक, शंभूलाल धाकड़, को छात्रों के साथ अश्लील हरकतें करने और उनके वीडियो बनाने के गंभीर आरोपों में 18 जुलाई को गिरफ्तार किया गया।
59 वर्षीय शंभूलाल, तुरकड़ी गांव का निवासी, पर पॉक्सो एक्ट, आईटी एक्ट, एससी/एसटी एक्ट, और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उसे तत्काल प्रभाव से राजकीय सेवा से बर्खास्त कर दिया गया और 22 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। इस मामले ने स्थानीय समुदाय में भारी आक्रोश पैदा किया, और शिक्षा विभाग ने इसे अत्यंत गंभीर मानते हुए सख्त कार्रवाई की है।
17 जुलाई 2025 को आंवलहेड़ा गांव के कुछ अभिभावकों और ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर, चित्तौड़गढ़ को लिखित शिकायत दी, जिसमें आरोप लगाया गया कि शंभूलाल धाकड़ पिछले दो वर्षों से स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के साथ अश्लील हरकतें कर रहा था और उनकी वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहा था। शिकायत के अनुसार, शंभूलाल बच्चों को परीक्षा में फेल करने की धमकी देकर चुप रहने के लिए मजबूर करता था। एक कथित वीडियो के वायरल होने के बाद मामला उजागर हुआ, जिसके बाद ग्रामीणों ने स्कूल के मुख्य द्वार को ताला लगाने की कोशिश की और प्रदर्शन किया।
18 जुलाई को बेगूं थानाधिकारी शिवलाल मीणा, उपखंड मजिस्ट्रेट मानस्वी नरेश, और नायब तहसीलदार विष्णुलाल यादव ने स्कूल पहुंचकर जांच शुरू की। 10-15 बच्चों के बयान दर्ज किए गए, जिनमें 6 से 16 वर्ष की आयु के लड़के और लड़कियों ने शंभूलाल द्वारा यौन उत्पीड़न और अश्लील वीडियो बनाने की पुष्टि की। डिप्टी रावतभाटा कमलप्रसाद मीणा ने मौके पर पहुंचकर अनुसंधान शुरू किया। बच्चों का मेडिकल परीक्षण कराया गया, और शंभूलाल को उसी दिन गिरफ्तार कर लिया गया। 19 जुलाई को उसे चित्तौड़गढ़ में न्यायाधीश के आवास पर पेश किया गया, जहां उसे 22 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। सुरक्षा कारणों से पेशी के दौरान कड़े इंतजाम किए गए थे।
कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई:
पुलिस ने शंभूलाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), पॉक्सो एक्ट की धारा 4, 6, और 17 (यौन उत्पीड़न, गंभीर यौन हमला, और अपराध को बढ़ावा देना), आईटी एक्ट की धारा 67 (अश्लील सामग्री का प्रसार), और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1)(डब्ल्यू) (एससी/एसटी समुदाय के बच्चों के खिलाफ यौन उत्पीड़न) के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस ने शंभूलाल के मोबाइल और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए, जिनमें कथित तौर पर अश्लील वीडियो मिले। जांच में पता चला कि शंभूलाल ने कम से कम 23 बच्चों को निशाना बनाया था।
शिक्षा विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) माध्यमिक, चित्तौड़गढ़ के माध्यम से शंभूलाल को राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1958 के नियम 19(ii) के तहत सेवा से बर्खास्त कर दिया। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने इस घटना को “शिक्षक नहीं, राक्षस” की संज्ञा दी और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। एक चार सदस्यीय समिति गठित की गई है, जो इस मामले की गहन जांच कर रही है। समिति को एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।