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इंडिगो संकट का तीसरा दिन: 400 उड़ानें रद्द, मुंबई-पुणे-बेंगलुरु-हैदराबाद में हाहाकार; यात्रियों की जेब पर बोझ बढ़ा, DGCA ने की जांच

भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो का संचालन संकट शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रहा, जिसमें देशभर के प्रमुख हवाई अड्डों पर 400 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। कल के 550 रद्दीकरण के बाद आज मुंबई, पुणे, बेंगलुरु और हैदराबाद में ही 330 उड़ानें प्रभावित हुईं, जिससे हवाई अड्डों पर भारी अफरा-तफरी मच गई।

क्रिसमस-नए साल के पीक ट्रैवल सीजन में हजारों यात्री फंस गए, और हवाई किराए में 2-3 गुना उछाल आ गया—दिल्ली-बेंगलुरु रूट पर टिकट 11,000 से 43,000 रुपये तक पहुंच गए।

इंडिगो की ऑन-टाइम परफॉर्मेंस (OTP) महज 35% रह गई, जबकि अन्य एयरलाइंस जैसे एयर इंडिया (67%) बेहतर रहीं। बेंगलुरु में 102 उड़ानें रद्द हुईं (52 आगमन, 50 प्रस्थान), हैदराबाद में 68, मुंबई में 85, चेन्नई में 31 और दिल्ली में 225 (135 प्रस्थान, 90 आगमन) प्रभावित हुईं। सोशल मीडिया पर यात्री भड़क उठे—कई ने 14 घंटे इंतजार, फ्लोर पर सोना और बिना सूचना रद्दीकरण की शिकायत की।

संकट की जड़: क्रू शॉर्टेज और FDTL नियम

इंडिगो ने तकनीकी खराबी, खराब मौसम, एयरपोर्ट कंजेशन और फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिट (FDTL) नियमों को जिम्मेदार ठहराया। लेकिन पायलट यूनियंस का कहना है कि असली समस्या क्रू की भारी कमी है। 1 नवंबर से लागू FDTL फेज-2 ने रात्रि लैंडिंग को 6 से घटाकर 2 कर दिया, साप्ताहिक आराम 48 घंटे बढ़ाया, जिससे इंडिगो की रात की उड़ानों पर असर पड़ा। कंपनी ने DGCA से नियमों में ढील मांगी है, लेकिन रेगुलेटर ने इनकार कर दिया। नवंबर में 1,232 उड़ानें रद्द हुईं, जिनमें 755 क्रू/FDTL से जुड़ी थीं। OTP अक्टूबर के 84.1% से गिरकर 67.7% रह गई।

इंडिगो की सफाई और आगे की राह

इंडिगो ने माफी मांगी: “पिछले तीन दिनों से संचालन प्रभावित है। हम फरवरी 10, 2026 तक पूरी तरह सामान्य करने का लक्ष्य रखे हैं। 8 दिसंबर से उड़ानें कम करेंगे।” प्रभावित यात्रियों को वैकल्पिक फ्लाइट या रिफंड का वादा किया।

DGCA ने इंडिगो के टॉप मैनेजमेंट से पूछताछ की और मिटिगेशन प्लान मांगा। विशेषज्ञों का कहना है कि हायरिंग तेज करने और शेड्यूल रिवाइज से ही राहत मिलेगी।

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