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पानी नहीं जहर बांटा गया: राहुल गांधी ने इंदौर दूषित पानी मौतों पर एमपी सरकार को लताड़ा

मध्य प्रदेश के इंदौर में गंभीर जल दूषण संकट से कई मौतें होने के बाद राजनीतिक तूफान उठ खड़ा हुआ है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बीजेपी सरकार पर “जहर बांटने” का आरोप लगाया, जबकि आधिकारिक मौतों की संख्या 4-10 के बीच बताई जा रही है और स्थानीय दावे 13-15 तक हैं। यह घटना मध्य प्रदेश में प्रशासनिक विफलताओं को उजागर कर रही है।

राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, “इंदौर में पानी नहीं, जहर बांटा गया और प्रशासन कुंभकर्ण की नींद सोता रहा।” उन्होंने बार-बार बदबूदार पानी की शिकायतों के बावजूद लापरवाही का आरोप लगाया। कांग्रेस नेता ने सवाल उठाए कि सीवेज पानी पाइपलाइन में कैसे मिला और सप्लाई क्यों नहीं रोकी गई। “साफ पानी एहसान नहीं, जीवन का अधिकार है। इस अधिकार की हत्या के लिए बीजेपी की डबल इंजन सरकार जिम्मेदार है,” उन्होंने कहा।

राहुल ने इसे मध्य प्रदेश में कुप्रशासन का हिस्सा बताया, जहां कफ सिरप मौतें, अस्पतालों में लापरवाही और अब दूषित पानी से मौतें हो रही हैं। “गरीब मरते हैं तो मोदी जी चुप रहते हैं,” उन्होंने तंज कसा।

मौतों का आंकड़ा विवादास्पद
इंदौर मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने 10 मौतों की जानकारी होने की बात कही, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने 4 की पुष्टि की। स्थानीय लोग 13-15 मौतों का दावा कर रहे हैं, जिसमें छह महीने का शिशु भी शामिल है। प्रभावित भागीरथपुरा में शोकाकुल परिवारों की तस्वीरें वायरल हैं।

नगर निगम का बचाव
नगर निगम ने आपात उपाय बताए। अतिरिक्त आयुक्त रोहित सिसोनिया ने कहा कि टीमें लीकेज ढूंढकर सुरक्षित सप्लाई बहाल कर रही हैं। 50 में से 26 सैंपल दूषित पाए गए। टैंकर लगाए गए और उबालकर पानी पीने की सलाह दी गई।

हाईकोर्ट और एनएचआरसी का हस्तक्षेप
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने मामले का संज्ञान लिया और टैंकर सप्लाई पर सवाल उठाए। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांगी।

दूषण का कारण
लैब रिपोर्ट से पुष्टि हुई कि भागीरथपुरा में पुलिस चौकी के पास मुख्य पाइपलाइन में लीकेज से शौचालय का सीवेज पानी मिल गया। बैक्टीरिया जैसे ई-कोलाई पाए गए।

1400 से अधिक प्रभावित
नौ दिनों में 1400+ लोग उल्टी-दस्त से प्रभावित। 272 भर्ती हुए, 201 अभी अस्पताल में, 32 आईसीयू में।

खड़गे का हमला
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मोदी सरकार पर निशाना साधा कि जल जीवन मिशन का ढोल पीटने वाले इंदौर में चुप हैं। “स्वच्छ शहर में लोग साफ पानी को तरस रहे हैं।”

उमा भारती की आलोचना
बीजेपी नेता उमा भारती ने इसे राज्य के लिए कलंक बताया। “2025 के अंत में गंदे पानी से मौतें शर्मनाक हैं। जिम्मेदारों को सजा मिले, दो लाख मुआवजा जीवन की कीमत नहीं। यह मुख्यमंत्री मोहन यादव की परीक्षा है।”

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