उत्तर प्रदेशऔरैया

औरेया में रक्षाबंधन की रात दिल दहलाने वाली वारदात: चचेरे भाई ने नाबालिग बहन से दुष्कर्म के बाद की ऐसी हरकत

उत्तर प्रदेश के औरेया जिले में रक्षाबंधन की रात एक ऐसी घटना घटी, जिसने भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को कलंकित कर दिया। बिधूना कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में 33 वर्षीय सुरजीत सक्सेना ने अपनी 14 वर्षीय चचेरी बहन के साथ दुष्कर्म किया और फिर पोल खुलने के डर से उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी।

पुलिस ने मंगलवार, 12 अगस्त को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जिसने पूछताछ में अपना अपराध कबूल कर लिया।

घटना 10 अगस्त 2025 की रात को हुई, जब कक्षा आठ में पढ़ने वाली नाबालिग किशोरी अपने ताऊ के घर से करीब 10 बजे अपने घर लौटी थी। उस दिन रक्षाबंधन पर उसने अपने चचेरे भाई सुरजीत की कलाई पर राखी बांधी थी। रात करीब 12 बजे, शराब के नशे में धुत सुरजीत ने पेट खराब होने के बहाने घर के पास खेत में शौच करने का नाटक किया और फिर चाचा के घर में घुस गया। वहां अकेली सो रही किशोरी को उसने दबोच लिया। जब किशोरी ने “भइया, ऐसा मत करो” कहकर विरोध किया और चिल्लाने लगी, तो उसने उसका मुंह दबाकर दुष्कर्म किया। दुष्कर्म के दौरान किशोरी को भारी रक्तस्राव हुआ, जिसे देखकर सुरजीत घबरा गया। उसने किशोरी को कपड़े पहनाए और पोल खुलने के डर से उसका गला घोंटकर हत्या कर दी।

अगली सुबह, 11 अगस्त को, किशोरी का शव बरामदे में चारपाई पर पड़ा मिला, जिसके कपड़े और चादर खून से सने थे। पिता ने देखा कि बेटी देर तक नहीं उठी, तो वह झोपड़ी से घर पहुंचा और यह दृश्य देखकर स्तब्ध रह गया। पुलिस को सूचना दी गई, और बिधूना कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म के बाद हत्या की पुष्टि हुई।

पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने बताया कि किशोरी के पिता की तहरीर पर सुरजीत सहित पांच लोगों के खिलाफ पॉक्सो और हत्या के आरोप में मामला दर्ज किया गया। बिधूना कोतवाली और स्वाट टीम ने जांच शुरू की और सोमवार को सुरजीत को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने अपराध कबूल किया और बताया कि वह अक्सर क्राइम पेट्रोल जैसे सीरियल देखता था, जिसके आधार पर उसने सबूत मिटाने की कोशिश की। हालांकि, खून के धब्बों और उसके संदिग्ध व्यवहार ने उसे पकड़वाया।

सुरजीत ने किशोरी के अंतिम संस्कार में भी हिस्सा लिया और हत्यारे को सजा देने की मांग के साथ हंगामा किया, ताकि उस पर शक न जाए। लेकिन उसकी हरकतों पर पुलिस की नजर थी। पुलिस ने उसे मंगलवार सुबह गिरफ्तार कर इटावा जेल भेज दिया। अन्य चार नामजद आरोपियों को पूछताछ के बाद परिवार को सौंप दिया गया, लेकिन उनकी निगरानी जारी है। गांव में शांति बनाए रखने के लिए पीएसी और पुलिस बल तैनात किया गया है।

एसपी ने जांच टीम को 25,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी और भाई-बहन के रिश्ते पर काला धब्बा लगा दिया।

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