देशमनोरंजन

राम गोपाल वर्मा का दिवाली पर ट्वीट: सोशल मीडिया पर बवाल, ‘असंवेदनशील’ कहकर फैंस ने लगाई क्लास; ग़ज़ा को लेकर कहा ये

बॉलीवुड के विवादों के चहेते निर्देशक राम गोपाल वर्मा (आरजीवी) एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार उनकी दिवाली पोस्ट ने सोशल मीडिया पर तीखी आलोचना का शिकार हो गई। सोमवार को मनाई गई दीपावली के मौके पर आरजीवी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर गाजा की स्थिति की तुलना भारतीय त्योहार से कर दी, जिसे यूजर्स ने ‘असंवेदनशील’, ‘अनुचित’ और ‘विरोधाभासी’ बताते हुए निशाना बनाया।

आरजीवी की यह पोस्ट, जो गाजा में चल रहे संघर्ष को ‘हर रोज दीवाली’ कहती है, ने हजारों रिएक्शंस खींच लिए हैं, जहां ज्यादातर ने इसे त्योहार की पवित्रता का अपमान माना।

आरजीवी ने सोमवार दोपहर करीब 2 बजे पोस्ट की: “In INDIA only one day is DIWALI and in GAZA, every day is DIWALI🔥🔥🔥”। यह पोस्ट, जिसमें फायर इमोजी का इस्तेमाल किया गया, स्पष्ट रूप से गाजा में इजरायल-हमास संघर्ष के दौरान हो रहे विस्फोटों की तुलना दीवाली के पटाखों से करती है। निर्देशक का इरादा शायद युद्ध की भयावहता को उजागर करना था, लेकिन यूजर्स ने इसे गलत संदर्भ में लिया। पोस्ट को अब तक 13,000 से ज्यादा लाइक्स, 1,900 रीपोस्ट और 2,000 से अधिक कमेंट्स मिल चुके हैं, लेकिन ज्यादातर ने नाराजगी जताई।

सोशल मीडिया पर उबाल

सोशल मीडिया यूजर्स ने आरजीवी की पोस्ट को ‘हेटफुल’ और ‘इंसानियत की हत्या’ करार दिया। एक यूजर ने लिखा, “तुम्हारे लिए यह रोशनी का त्योहार है, गाजा के लिए बमों की आग। उत्सव को पीड़ा से मत जोड़ो – जब सहानुभूति मर जाती है, तो मानवता भी मर जाती है।”। एक अन्य यूजर, जो आरजीवी के समर्थक बने, ने कहा, “आरजीवी के शब्द गाजा वालों का मजाक नहीं उड़ा रहे! वे फिलिस्तीनियों की तबाही को दुनिया को याद दिला रहे हैं। गलत न समझें…”। लेकिन ऐसी आवाजें कम हैं। एक यूजर ने तो सीधे तंज कसा, “कल्पना करो, तिलचट्टे जैसा दिखकर गरीब बच्चों के नरसंहार का जश्न मना रहे हो। आशा है तुम्हारे बच्चे, मां-बाप को भी गाजा के बच्चों जैसी पीड़ा मिले।”।

कई यूजर्स ने आरजीवी को ‘ट्रोल’ और ‘अटेंशन सीकर’ कहा, जबकि कुछ ने इसे हिंदू-मुस्लिम तनाव बढ़ाने वाली कोशिश बताया। एक कमेंट में लिखा गया, “आरजीवी जी, कृपया ट्वीट डिलीट करें। यह हिंदुओं और मुसलमानों के बीच नफरत फैला रहा है। आप दोनों समुदायों का कोई भला नहीं कर रहे।”। एक कन्नड़ न्यूज पोर्टल ने भी इसे कवर किया, जहां कहा गया कि आरजीवी ने दीपावली उत्सव के बीच इजरायल-गाजा युद्ध की तुलना कर हंगामा मचा दिया।

यह पहली बार नहीं जब आरजीवी की सोशल मीडिया पोस्ट ने विवाद खड़ा किया। 2023 में उन्होंने हैदराबाद की दिवाली पटाखों की तुलना गाजा के विस्फोटों से की थी, जिस पर भी आलोचना हुई थी। उनकी पुरानी पोस्ट्स, जैसे 2024 में गणेश पर तंज या राजनीतिक फोटोशॉप, ने भी कानूनी पचड़े खड़े किए। आंध्र प्रदेश पुलिस ने हाल ही में उनकी विवादास्पद पोस्ट्स पर केस दर्ज किया, लेकिन आरजीवी ने इसे ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ बताया।

Related Articles

Back to top button