पटना में मौर्या होटल में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने अपना संयुक्त घोषणा पत्र ‘संकल्प पत्र 2025’ जारी कर दिया। यह घोषणा पत्र विकसित बिहार का ब्लूप्रिंट बताया गया है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, चिराग पासवान, सांसद उपेंद्र कुशवाहा, बिहार भाजपा के चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल और जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा समेत सभी घटक दलों के प्रमुख नेता मौजूद रहे।
घोषणा पत्र जारी होते ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, चिराग पासवान समेत वरिष्ठ नेता चले गए। इसके बाद उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एनडीए की ओर से विस्तार से जानकारी दी।
सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार की जनता अब विकास की समझ रखती है और जानती है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में कितना प्रगति हुई है। अगले पांच वर्षों में बिहार को औद्योगिक हब बनाने का लक्ष्य है। घोषणा पत्र में युवा, महिलाएं, गरीब, दलित और अतिपिछड़े वर्गों पर विशेष जोर दिया गया है। एनडीए ने एक करोड़ से अधिक नौकरियां और रोजगार सृजन का संकल्प लिया है ताकि बिहार के युवा देश-दुनिया के हर कोने में अपनी प्रतिभा दिखा सकें।
महिलाओं के लिए रोजगार योजना के तहत दो लाख रुपये तक की सहायता राशि दी जाएगी और एक करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का वादा किया गया है। मिशन करोड़पति के माध्यम से महिलाओं को उद्यमी बनाकर करोड़पति बनाने की दिशा में काम होगा। अतिपिछड़े वर्ग के कामगारों को दस लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में एक आयोग गठित किया जाएगा जो अतिपिछड़ों को मुख्यधारा से जोड़ने के सुझाव देगा।
किसानों के लिए केंद्र सरकार की किसान सम्मान निधि योजना के तहत छह हजार रुपये की सहायता को बिहार में तीन हजार रुपये अतिरिक्त देकर कुल नौ हजार रुपये सालाना करने का ऐलान किया गया है। इसे कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि नाम दिया जाएगा। मत्स्य पालकों को भी चार हजार पांच सौ से बढ़ाकर नौ हजार रुपये की सहायता मिलेगी। सभी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी दी जाएगी और कृषि अवसंरचना में नौ लाख करोड़ रुपये का निवेश होगा।
संकल्प पत्र में कुल 25 प्रमुख घोषणाएं हैं। इनमें एक करोड़ सरकारी नौकरियां, हर जिले में मेगा स्किल सेंटर, बिहार स्पोर्ट्स सिटी और प्रखंड स्तर पर खेल केंद्र ऑफ एक्सीलेंस, हर जिले में फैक्ट्री और दस नए औद्योगिक पार्क, सौ एमएसएमई पार्क तथा पचास हजार से अधिक कुटीर उद्योग, डिफेंस कॉरिडोर तथा सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पार्क स्थापना, हर अनुमंडल में एससी-एसटी छात्रों के लिए आवासीय विद्यालय, उच्च शिक्षा में अनुसूचित जाति छात्रों को मासिक दो हजार रुपये।
ईबीसी वर्ग को दस लाख तक सहायता, गरीब परिवारों के बच्चों को नर्सरी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा, स्कूलों में मिड-डे मील के साथ पौष्टिक नाश्ता, पचास लाख नए पक्के मकान, मुफ्त राशन, 125 यूनिट मुफ्त बिजली, सामाजिक सुरक्षा पेंशन जारी रखना, प्रमुख स्कूलों का पांच हजार करोड़ से कायाकल्प, सात एक्सप्रेसवे और तीन हजार छह सौ किलोमीटर रेल ट्रैक का आधुनिकीकरण, विश्वस्तरीय मेडिकल सिटी तथा हर जिले में मेडिकल कॉलेज,
मां जानकी की जन्मस्थली को सीतापुरम धार्मिक नगरी के रूप में विकसित करना, पटना, दरभंगा, पूर्णिया, भागलपुर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तथा चार नए शहरों में मेट्रो निर्माण और अगले पांच वर्षों में बिहार को बाढ़ मुक्त बनाने के लिए फ्लड मैनेजमेंट बोर्ड, फ्लड टू फॉर्च्यून मॉडल के तहत नदी जोड़ परियोजना, तटबंध, नहरें तथा मत्स्य पालन को बढ़ावा शामिल है।