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शाहजहांपुर POCSO कोर्ट का सख्त फैसला: दो मासूमों के रेप व एक की हत्या के आरोपी अनिल उर्फ चमेली को फांसी की सजा, 4 साल बाद न्याय

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में POCSO (प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्शुअल ऑफेंसेज एक्ट) विशेष अदालत ने एक दिल दहला देने वाले मामले में आरोपी को मृत्युदंड (फांसी) की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (POCSO) मनोज कुमार सिद्धू ने 35 वर्षीय अनिल उर्फ चमेली को दो नाबालिग बच्चियों (7 और 5 वर्षीय बहनों) से दुष्कर्म और छोटी बहन की हत्या के दोषी ठहराते हुए यह सजा दी।

इसके अलावा, आरोपी पर 1.37 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। यह फैसला चार साल पुरानी उस जघन्य घटना के बाद आया है, जब 22 फरवरी 2021 को कांट थाना क्षेत्र के एक गांव में दोनों बहनें स्कूल के नल पर नहाने गई थीं और वापस नहीं लौटीं।

घटना का खौफनाक विवरण

घटना के दिन आरोपी अनिल, जो आसपास के गांवों में शहद इकट्ठा करने का काम करता था, साइकिल पर गांव से गुजर रहा था। उसने बहनों को बिस्कुट और शहद का लालच देकर एक सुनसान खेत में ले गया। वहां उसने 7 वर्षीय बड़ी बहन के साथ दुष्कर्म की कोशिश की। विरोध पर उसने 5 वर्षीय छोटी बहन का गला दबाकर हत्या कर दी और बड़ी बहन पर भी हमला किया, जिससे वह बेहोश हो गई। पुलिस ने जांच में चश्मदीदों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट (बड़ी बहन का रेप कन्फर्म) और पोस्टमॉर्टम (छोटी बहन की मौत गला दबाने से) के आधार पर चार्जशीट दाखिल की। आरोपी ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल किया।

न्याय का सफर

  • 2021: घटना के बाद पुलिस ने अनिल को गिरफ्तार किया। POCSO एक्ट की धारा 6 (बालक दुष्कर्म पर सजा), IPC की 376 (दुष्कर्म), 302 (हत्या) समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज।
  • 2025: चार साल की सुनवाई के बाद कोर्ट ने सबूतों (चश्मदीद, मेडिकल, आरोपी का कबुलनामा) के आधार पर “रेरेस्ट ऑफ रेयर” केस मानते हुए फांसी सुनाई।

बड़ी बहन को अस्पताल में 15 दिनों तक वेंटिलेटर पर रखा गया, जहां से वह ठीक हुई और आरोपी की पहचान की। कोर्ट ने इसे बच्चों के खिलाफ सबसे घिनौना अपराध बताते हुए सजा सुनाई।

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