बिहार चुनाव 2025: मोकामा हत्याकांड में जदयू प्रत्याशी अनंत सिंह पर FIR, दुलारचंद यादव के पोते के बयान पर गोली-गाड़ी चढ़ाने का आरोप
बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मोकामा विधानसभा क्षेत्र में सियासी हिंसा ने तूल पकड़ ली है। जनसुराज पार्टी के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के समर्थक और पूर्व राजद नेता दुलारचंद यादव (76) की गुरुवार दोपहर हत्या के मामले में पुलिस ने जदयू प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
मृतक के पोते नीरज कुमार के बयान पर भदौर थाने में यह एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें अनंत सिंह, उनके भतीजे रणवीर सिंह व कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह व कंजय सिंह को मुख्य आरोपी बनाया गया है। कई अज्ञात लोगों पर भी हत्या सहित अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ है। पुलिस ने घटनास्थल पर भारी फोर्स तैनात कर दी है और जांच तेज कर दी गई है, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
घटना गुरुवार दोपहर साढ़े तीन बजे बसामनचक गांव के पास घोसवरी थाना क्षेत्र के तारतार गांव में हुई। नीरज कुमार ने एफआईआर में बताया कि वे जनसुराज प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के प्रचार के लिए काफिले में दादा दुलारचंद यादव के साथ थे। रास्ते में अनंत सिंह अपने सहयोगियों के साथ पहुंचे और दुलारचंद को गाली देने लगे। दुलारचंद ने गाली देने से मना किया तो रणवीर व कर्मवीर सिंह ने उन्हें जबरन गाड़ी से खींचकर बाहर निकाला।
इसके बाद अनंत सिंह ने कमर से पिस्टल निकाली और गोली चला दी। एक गोली दुलारचंद के पैर की ठुड्डी में लगी, जिससे वे गिर पड़े। फिर सहयोगियों ने बेरहमी से लाठियों से पीटा और गाड़ी चढ़ा दी। सभी फरार हो गए। परिजनों ने घायल दुलारचंद को अस्पताल पहुंचाया लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। एफआईआर में गोलीबारी, मारपीट, गाड़ी चढ़ाने और हत्या की साजिश का पूरा विवरण दर्ज है।
मोकामा एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने पुष्टि की कि दो पक्षों के बीच मारपीट हुई और गाड़ियों के शीशे टूटे मिले, लेकिन पोस्टमार्टम व सीसीटीवी से पूरी सच्चाई सामने आएगी।
अनंत सिंह ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि ये सब बेबुनियाद हैं। यह राजद प्रत्याशी वीणा देवी के पति सूरजभान सिंह की साजिश है, जो उन्हें फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। अनंत सिंह ने कहा कि जनता सब जानती है और वे निर्दोष हैं। दूसरी ओर, जनसुराज प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी ने भी आरोप लगाया कि अनंत सिंह के समर्थकों ने काफिले पर हमला करवाया। दुलारचंद यादव लालू प्रसाद यादव के करीबी रहे हैं और 1990 में अनंत सिंह के भाई के खिलाफ चुनाव लड़ चुके थे। इस हत्या से मोकामा के टाल इलाके में तनाव फैल गया है और कई गांवों में अफरा-तफरी मच गई।
इस घटना पर राजद नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं, यहां विचारधारा व जनहित के मुद्दों की लड़ाई होती है, न कि बमबारी-गोलीबारी की। एनडीए का महाजंगलराज सत्ता संरक्षित अपराधियों को पाल-पोस रहा है। अपराध के लिए कुख्यात मोकामा में सत्ता संरक्षित गुंडों ने सामाजिक कार्यकर्ता दुलारचंद की हत्या कर दी।
एनडीए प्रत्याशियों का पत्रकारों पर गुस्सा, उन्हें जान से मारने की धमकी और पूर्व में एके-47 की बरामदगी, इन सबकी परिणीति आज दिख रही है। तेजस्वी ने कहा कि भाजपाई बिहार में डेरा डालकर अपराधियों को संरक्षण दे रहे हैं। मुद्दों से डरकर जुमलेबाजी करने वाले प्रधानमंत्री को 35 मिनट पहले का अपना गुंडाराज नहीं दिखता। वे बिहार को बदनाम-बदहाल कर रहे हैं। बिहार की जनता प्रतिकार करेगी, इस सोच, अपराध संरक्षण और डबल इंजन को उखाड़ फेंकेगी।