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जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद उपराष्ट्रपति पद की रेस में रामनाथ ठाकुर का नाम, जेपी नड्डा से मुलाकात ने बढ़ाई अटकलें

जगदीप धनखड़ के 21 जुलाई को उपराष्ट्रपति पद से अचानक इस्तीफा देने के बाद भारतीय राजनीति में हलचल मच गई है। धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपना इस्तीफा सौंपा, जिसके बाद अगले उपराष्ट्रपति की नियुक्ति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। खासकर बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले, यह मुद्दा और भी महत्वपूर्ण हो गया है।

इस बीच, 23 जुलाई को दिल्ली में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और जेडीयू के राज्यसभा सांसद व केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर की मुलाकात ने उपराष्ट्रपति पद के लिए अटकलों को हवा दे दी है।

नड्डा स्वर्ण जयंती अपार्टमेंट में रामनाथ ठाकुर के आवास पर उनसे मिलने पहुंचे, जहां बिहार के सांसदों के लिए एक सामूहिक भोज का आयोजन था। संसद सत्र के दौरान विभिन्न राज्यों के सांसदों के साथ ऐसे भोज सामान्य हैं, लेकिन नड्डा की मौजूदगी और इस मुलाकात का समय उपराष्ट्रपति पद की रेस में ठाकुर के नाम को जोर दे रहा है। सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में रामनाथ ठाकुर को अगला उपराष्ट्रपति बनाने की चर्चा गर्म है, क्योंकि वे बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर के बेटे हैं और नाई (EBC) समुदाय से आते हैं। यह कदम एनडीए के लिए बिहार में सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को मजबूत करने में मददगार हो सकता है।

रामनाथ ठाकुर वर्तमान में नरेंद्र मोदी सरकार में केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री हैं और जेडीयू के दो बार के राज्यसभा सांसद हैं। उनके पिता कर्पूरी ठाकुर की सामाजिक न्याय की विरासत और अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) से संबंध ने उन्हें इस रेस में मजबूत दावेदार बनाया है। जेपी नड्डा की मुलाकात को कई लोग बिहार चुनाव से पहले एनडीए की रणनीति से जोड़कर देख रहे हैं, जहां EBC वोटरों को लुभाना बीजेपी और जेडीयू के लिए अहम है। हालांकि, कुछ सूत्रों का कहना है कि यह मुलाकात केवल नियमित भोज का हिस्सा थी, और नड्डा उसी दिन अन्य सांसदों से भी मिले थे।

धनखड़ के इस्तीफे को लेकर कई अटकलें हैं। कुछ का मानना है कि उनकी तबीयत खराब थी, क्योंकि मार्च 2025 में उन्हें हृदय संबंधी समस्या हुई थी। लेकिन विपक्ष, खासकर कांग्रेस, का दावा है कि इस्तीफे के पीछे “गहरे कारण” हैं। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि धनखड़ 21 जुलाई को दोपहर 12:30 बजे राज्यों सभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक में सक्रिय थे, लेकिन शाम 4:30 बजे की बैठक में जेपी नड्डा और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के अनुपस्थित रहने से वे नाराज हो गए। रमेश ने इसे “अपमान” करार दिया। नड्डा ने जवाब दिया कि उनकी और रिजिजू की अनुपस्थिति की सूचना उपराष्ट्रपति कार्यालय को दी गई थी। एक अन्य सिद्धांत यह है कि धनखड़ ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज यशवंत वर्मा के खिलाफ विपक्ष की ओर से लाए गए महाभियोग प्रस्ताव को जल्दबाजी में स्वीकार किया, जिससे सरकार नाराज हो गई।

उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह चुनाव लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों (नामित सहित) के इलेक्टोरल कॉलेज द्वारा समानुपातिक प्रतिनिधित्व और एकल हस्तांतरणीय मत प्रणाली के तहत होगा। एनडीए के पास 293 लोकसभा और 133 राज्यसभा सांसदों के साथ कुल 426 वोट हैं, जो जीत के लिए आवश्यक 394 वोटों से अधिक है। रामनाथ ठाकुर के अलावा, राज्यसभा उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और बिहार के राज्यपाल अरिफ मोहम्मद खान के नाम भी चर्चा में हैं। टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने दावा किया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को उपराष्ट्रपति बनाया जा सकता है, लेकिन जेडीयू ने नीतीश कुमार के नाम से इनकार किया है।

बिहार में EBC और सामाजिक न्याय की राजनीति को देखते हुए रामनाथ ठाकुर की उम्मीदवारी एनडीए के लिए रणनीतिक हो सकती है। लेकिन बीजेपी सूत्रों का कहना है कि उपराष्ट्रपति पद के लिए उनका उम्मीदवार शायद बीजेपी से ही होगा। उपराष्ट्रपति चुनाव 60 दिनों के भीतर होना है, और यह प्रक्रिया बिहार के सियासी समीकरणों को प्रभावित कर सकती है।

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